Local & National News in Hindi

AR Rahman के ‘पावर शिफ्ट’ वाले बयान पर मचा बवाल! 8 साल के बदलावों पर ऐसा क्या कह गए संगीत के जादूगर, जो छिड़ गई नई जंग?

43

AR Rahman: इंडियन फिल्म इंडस्ट्री के सबसे कामयाब और ऑस्कर विनर म्यूजिक कम्पोजर एआर रहमान चर्चा में हैं. हाल ही में एआर रहमान ने बताया कि उन्हें हिंदी फिल्मों में खुद को कम्फर्टेबल करने में 7 साल से ज्यादा वक्त लग गया. पहले चीजें अलग थी, पर पिछले 8 साल में उन्हें इंडस्ट्री में बहुत कम काम मिला. जिसकी वजहों का भी उन्होंने खुलासा किया. हालांकि, वो कई बड़ी फिल्मों के लिए म्यूजिक कंपोज कर रहे हैं, जिसमें भारत की सबसे बड़ी फिल्म ‘रामायण’ शामिल है, जिसका बजट 4000 करोड़ रुपये बताया जा रहा है. जिसमें रणबीर कपूर काम कर रहे हैं. इसी बीच ए आर रहमान ने पिछले 8 साल में हुए पावर शिफ्ट को लेकर भी बात की.

बीबीसी एशियन नेटवर्क को दिए एक इंटरव्यू में ऑस्कर विजेता कंपोजर से सवाल हुआ कि क्या 1990 के दशक में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में किसी तरह के भेदभाव का सामना करना पड़ा था. जिस पर एआर रहमान ने कहा कि उन्हें खुले तौर पर ऐसा कोई भेदभाव महसूस नहीं हुआ है. लेकिन पिछले 8 सालों में उनके हिंदी म्यूजिक करियर में गिरावट आई है. साथ ही एआर रहमान ने इस कमी की वजह ‘पावर शिफ्ट’ को बताया है.

जो क्रिएटिव नहीं, उनके हाथ पावर

इस दौरान ऑस्कर विजेता कंपोजर एआर रहमान ने बताया कि, हो सकता है कि मुझे इन सब बातों का पता न चला हो. हो सकता है कि भगवान ने इन सब बातों को मुझसे छिपा लिया हो. लेकिन मैंने कभी ऐसा कुछ महसूस नहीं किया. पर पिछले 8 सालों में शायद पावर शिफ्ट हुआ है. जो लोग क्रिएटिव नहीं हैं, उनके पास अब चीज़ों का फैसला करने की पावर है. और यह शायद कोई कम्युनल बात भी हो सकती है, लेकिन मेरे सामने नहीं. यह मुझे बस ऐसे ही सुनाई दिया. लेकिन उस म्यूज़िक कंपनी ने आगे बढ़कर अपने पांच कंपोज़र हायर कर लिए. जिसके बाद कहा, ओह, यह बहुत बढ़िया है, मेरे लिए आराम है, मैं अपने परिवार के साथ चिल कर सकता हूं.

रामायण को लेकर क्या बोला था?

बीबीसी से बातचीत में एआर रहमान ने यह भी बताया कि, वो ब्राह्मण स्कूल से पढ़े हैं, जहां हर साल रामायण और महाभारत पढ़ाई जाती थी. उन्हें कहानी काफी अच्छे से पता थी.वहीं, फिल्म की कहानी ऊंचे आदर्शों और मूल्यों के बारे में है. वो कहते दिखे- लोग बेशक इस पर सवाल करें, पर वो इन सभी अच्छी बातों को महत्व देते हैं, जिससे सीखने को मिल रहा हो.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.