कोरोना संकट के बीच देशभर में कई लोग अपने-अपने ढंग से दूसरों की मदद में जुटे हुए हैं। वहीं कई ऐसे भी लोग हैं जो इस मंहगाई के समय में पैसा कमाने में जुटे हैं तो कई ऐसे हैं जो पैसों की परवाह किए बिना सस्ते में सामान बेचने मेें लगे हुए हैं ताकि दूसरों को कोई परेशानी न हो। ऐसी ही कोयटंबूर में रहने वाली एक महिला है जो पिछले 30 सालों से आज भी सिर्फ एक रुपए में इडली बेच रही है। लॉकडाउन में जहां खाने-पीने के सामान के दाम बढ़ गए हैं वहीं 85 वर्षीय यह बुजुर्ग महिला ने इडली का दाम नहीं बढ़ाया। एम कमलथल नाम की यह बुजुर्ग महिला आज भी अपने ग्राहकों को एक रुपए में ही इडली परोसती है।
अलंदुरैई के नजदीक अपने घर से खाने-पीने का आउटलेट चला रही बुजुर्ग महिला के यहां रोज तकरीबन 300 लोग इडली खाकर अपनी भूख मिटाते हैं। कुछ लोग ऐसे भी हैं जो लॉकडाउन के कारण घर नहीं जा सके हैं और उनको भी कमलथ इटली परोसती हैं। कमलथल बताती हैं कि उड़द की दाल का दाम 100 से 150 रुपए हो गया है। मिर्च की कीमत भी 150 रुपए से 200 रुपए तक हो गई है लेकिन इन सबके बीच मैंने इडली की कीमत नहीं बढ़ाई है। उन्होंने मैंकिसी तरह संतुलन बनाकर 1 रुपए में ही इडली बेचती हूं। इतना ही नहीं कमलथल लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पाठ भी पढ़ाती हैं। वह लोगों को दूसरों से दूरी बनाकर अपनी-अपनी जगह पर बैठकर ही इडली खाने को कहती हैं।
वहीं महिला ने बताया कि बहुत से ऐसे लोग हैं जो सब्जी, खाने-पीने का सामान पहुंचाकर मदद करते हैं। महिला ने कहा कि लोग दाल, सब्जी और चावल दे रहे हैं, इससे उन्हें बहुत ज्यादा खुशी मिली है। वहीं हाल ही में DMK अध्यक्ष एम के स्टालिन ने भी महिला से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बात की थी। बता दें कि इससे पहले पिछले साल सितंबर में भी सोशल मीडिया पर कमथल के एक रुपए में इडली बेचने की खबर काफी वायरल हुई थी । वहीं इस साल लॉकडाउन में भी इडली का दाम नहीं बढ़ाने पर वे एक बार फिर सुर्खियों में हैं।
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