Delhi: ‘जनकपुरी हादसा नोएडा के इंजीनियर की मौत जैसा’, अपनी ही सरकार पर बरसे AAP नेता; दिल्ली में सड़क सुरक्षा पर उठाए सवाल
आम आदमी पार्टी ने नई दिल्ली के जनकपुरी में सड़क में खोदे गए गड्ढे में गिर कर बाइक सवार युवक की दर्दनाक मौत के लिए सरकार को सीधे जिम्मेदार बताया है. आप का कहना है कि इस घटना ने बीते माह नोएडा के एक नाले में गिरकर हुई सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत की याद दिला दी. बाइक सवार युवक रात भर गड्ढे में ही पड़ा रहा और तड़प कर मर गया. मृतक के परिजन दिल्ली के कई थानों में जाकर पुलिस से मदद मांगते रहे, पर कोई मदद नहीं मिली.
आम आदमी पार्टी ने जनकपुरी की घटना को बड़ी लापरवाही बताते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला है. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश की राजधानी में सड़क में खोदे गए गड्ढे में गिरकर युवक की मौत हादसा नहीं, बल्कि हत्या है. नोएडा की घटना से भी दिल्ली सरकार ने कुछ नहीं सीखा. घोर लापरवाही और गैर-जिम्मेदार रवैया अब भाजपा सरकारों की पहचान बन चुका है.
मंत्री आशीष सूद पर भी साधा निशाना
दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जनकपुरी की घटना को नोएडा घटना के परिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिए. कुछ दिनों पहले नोएडा में प्रशासन और उत्तर प्रदेश सरकार की लापरवाही से एक इंजीनियर की दर्दनाक मृत्यु हुई थी. ठीक उसी तरह दिल्ली सरकार में मंत्री आशीष सूद की जनकपुरी विधानसभा में सड़क में खोदे गए गड्ढे में गिरकर बाइक सवार की मौत हुई. यह बेहद दुखद है.
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि वह गड्ढा वहां पहले से मौजूद था और आरडब्ल्यूए लगातार इसकी बैरिकेंडिंग करने की मांग कर रही थी. लेकिन मंत्री आशीष सूद अब जांच के बहाने बना रहे हैं. दिल्ली जल बोर्ड का प्रशासनिक विभाग शहरी विकास है और वे ही इसके संबंधित मंत्री हैं.
दिल्ली पुलिस के रवैये पर उठाया सवाल
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा और उनके विभाग पर लग रहे आरोप और भी गंभीर हैं. गुरुवार को दिल्ली पुलिस ने जनता को धमकाया कि अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने दावा किया था कि वे झूठी लापता शिकायत भी रजिस्टर कर लेते हैं, इसलिए आंकड़े बढ़ गए हैं. लेकिन बाइक सवार युवक के दोस्त बता रहे 25 साल का कमल रात 11:53 पर रोहिणी स्थित अपने कॉल सेंटर से चला और जनकपुरी पहुंचा. उसने घर पर कॉल किया कि वह 15 मिनट में घर आ जाएगा, यानी उसका घर पास ही था.
दिल्ली में लापता लोगों को लेकर भी गुस्सा
सौरभ भारद्वाज ने आगे बताया कि जब पीड़ित परिवार सागरपुर पुलिस स्टेशन गया और कहा कि उनका भाई खो गया है, तो वहां मौजूद पुलिसकर्मी ने बेहद असंवेदनशील जवाब दिया. पुलिसकर्मी ने कहा, अरे तुम्हारा ही भाई कोई ना खोया है, सारी दुनिया खो रही है. थाने में उनसे कहा गया कि जगह-जगह कितने लोग खो गए हैं, तुम्हारा ही कोई अकेला नहीं खोया है. यह पुलिस की संवेदनशीलता का स्तर है. यह तब है जब 15 जनवरी तक दिल्ली से 800 से ज्यादा लोग लापता हैं, जिनमें ज्यादातर लड़कियां और नाबालिग हैं.
मिसिंग रिपोर्ट क्यों नहीं दर्ज की गई?
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली पुलिस यह बताए कि छह थानों में घूमने के बाद भी मिसिंग रिपोर्ट क्यों नहीं दर्ज की गई, जबकि सतीश गोलचा ने गुरुवार को ही सर्टिफिकेट दिया था कि दिल्ली पुलिस सभी की मिसिंग रिपोर्ट तुरंत दर्ज करती है. अगर वाकई में ऐसा है, तो गुरुवार को पीड़ित पक्ष की रिपोर्ट दर्ज क्यों नहीं की गई? सीसीटीवी फुटेज क्यों नहीं है और लोकेशन क्यों डिलीट की गई? ये आम आदमी पार्टी के सवाल भाजपा सरकार और दिल्ली पुलिस से हैं, जिनका जवाब दिया जाना चाहिए.
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