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India-US Trade Deal: भारत के लिए खुला $30 ट्रिलियन का बाजार, $500 अरब की डील और टैरिफ में भारी कटौती; जानें पूरी डिटेल

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मदर ऑफ डील से ज्यादा फादर ऑफ ऑल डील की चर्चा हो रही है. हो भी क्यों ना. ये डील दुनिया के सबसे बड़े मार्केट और दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी के बीच हो रही है. जिसका एक खाका तैयार कर लिया गया है. जिसपर दोनों देशों की आम सहमति भी बन चुकी है. इस खाके से जो बातें निकलकर सामने आई हैं. उन बातों पर पूरी दुनिया की नजरें हैं. खासकर उन नंबर्स पर जो पूरी दुनिया को चौका सकते हैं. भारत और अमेरिका के बी हुई ट्रेड डील कोई आम ट्रेड नहीं है.

इसके लिए तैयार किए गए फ्रेमवर्क से दोनों देशों के बीच की मार्केट रीच में इजाफा होगा. टैरिफ कम होंगे. एक बड़े और व्यापक बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट की नींव रखी जाएगी. खास बात तो ये है कि दोनों देश पूरी दुनिया के सामने एक संतुलित ट्रेड का उदाहरण पेश करते हुए दिखाई देंगे. सप्लाई चेन में मजबूती मिलेगी. साथ ही तेजी के बदलते टेक माहौल में दोनों देश एक दूसरे का सहयोग करते हुए दिखाई देंगे. आइए कुछ नंबर्स के हिसाब से समझने की कोशिश करते हैं कि दुनिया की ‘महाशक्ति’ से महा-डील करने के क्या मायने हैं…

इस महा-डील से भारत को होने वाले फायदे

  • अमेरिका द्वारा निर्धारित 18 फीसदी टैरिफ, जो प्रमुख प्रतिस्पर्धियों से कम है
  • भारत के 44 अरब डॉलर के निर्यात को अमेरिका में टैरिफ फ्री एंट्री मिलेगी.
  • महत्वपूर्ण तकनीकी इनपुट, चिप्स, सेमीकंडक्टर, विमान और मशीनरी पर टैरिफ कम होगा.
  • मसालों, चाय, कॉफी, एवोकैडो, जौ, कैनरी सीड्स, बेकरी प्रोडक्ट्स, कोको और उसके उत्पाद, तिल, खसखस, फलों के जैम और पेस्ट पर जीरो टैरिफ.
  • धारा 232 के तहत आने वाली वस्तुओं, विमान और मशीनरी के पुर्जों, जेनेरिक दवाओं, फार्मा सामग्री और प्राथमिक ऑटो पुर्जों पर कोई एक्स्ट्रा टैरिफ नहीं.

क्लोथ और अपैरल सेक्टर को फायदा

  • रेशम पर 0 फीसदी शुल्क; 13 अरब डॉलर की मार्केट रीच.
  • अन्य देशों से बढ़त: चीन (35 फीसदी शुल्क), बांग्लादेश (20 फीसदी), वियतनाम (20 फीसदी%), इंडोनेशिया (19 फीसदी)

जेम्स एंड ज्वेलरी

  • 61 अरब डॉलर के बाज़ार तक पहुंच
  • हीरे, प्लैटिनम, सिक्के आदि पर 29 अरब डॉलर के बाज़ार तक 0 फीसदी टैरिफ
  • टैरिफ बेनिफिट: दक्षिण अफ्रीका (30 फीसदी), थाईलैंड (19 फीसदी), चीन (35 फीसदी)

चमड़ा एवं जूते

  • 42 अरब डॉलर के बाज़ार तक पहुंच
  • चीन (35 फीसदी), इंडोनेशिया (19 फीसदी), कंबोडिया (19 फीसदी) से बढ़त

खिलौने

  • 18 अरब डॉलर का बाजार अवसर
  • प्रतिस्पर्धी पहुंच: चीन (35 फीसदी), इंडोनेशिया (19 फीसदी), वियतनाम (20 फीसदी)

मशीनरी और पुर्जे

477 अरब डॉलर के बाज़ार तक पहुंच, वर्तमान में भारत का निर्यात 2.35 अरब डॉलर है मलेशिया (19 फीसदी), थाईलैंड (19 फीसदी), वियतनाम (20 फीसदी) पर बढ़त

घर की सजावट

  • देश को 52 अरब डॉलर के ट्रेड के अवसर हासिल होंगे.
  • सीटें, लैंप के पुर्जे, झूमर आदि जैसे उत्पादों के लिए 13 अरब डॉलर के बाज़ार में 0 फीसदी टैरिफ के साथ मार्केट रीच.
  • चीन (35 फीसदी), वियतनाम (20 फीसदी), मलेशिया (19 फीसदी) पर बढ़त

नॉन-टैरिफ उपाय

  • भारत चिकित्सा उपकरणों, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी आयात लाइसेंसिंग और खाद्य/कृषि उत्पादों पर अमेरिका की चिंताओं का समाधान करेगा
  • नई दिल्ली चयनित क्षेत्रों में छह महीने के भीतर अमेरिकी/वैश्विक मानकों और परीक्षण मानदंडों की समीक्षा भी करेगी

सेफगार्ड क्लॉज

दोनों देशों ने स्पष्ट किया कि किसी भी पक्ष द्वारा सहमत शुल्कों में कोई भी परिवर्तन दूसरे पक्ष को अपनी प्रतिबद्धताओं में संशोधन करने की अनुमति देता है. डिजिटल ट्रेड रूल्य बीटीए का हिस्सा होंगे.

ग्रोथ को बढ़ावा

भारत के एक्सपोर्ट में इजाफा होने से वित्त वर्ष 2027 की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 20-30 बेसिस प्वाइंट्स की वृद्धि हो सकती है. इसका मतलब है कि देश की ग्रोथ रेट 8 फीसदी के पार जाने की संंभावना है.

भारत ने क्या किया ऑफर

  • सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं पर कम या शून्य टैरिफ
  • पशु आहार, मेवे, ताजे और प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन तेल, शराब और स्पिरिट सहित चुनिंदा कृषि और खाद्य उत्पादों पर शुल्क में कटौती
  • सेब, बादाम, कपास को कोटा पर अनुमति दी गई
  • संवेदनशील आवश्यक वस्तुएं अंतरिम समझौते के दायरे से बाहर हैं
  • 800-1,600 सीसी बाइकों पर शून्य शुल्क, 2,500 सीसी से ऊपर की डीजल कारों और 3,000 सीसी से ऊपर की पेट्रोल कारों पर शुल्क में कटौती

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