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Parliament News: ‘PM की सीट घेरी, चैंबर में चिल्लाए’, विपक्ष के खिलाफ एकजुट हुईं BJP की महिला सांसद; स्पीकर को लिखी चिट्ठी

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भारतीय जनता पार्टी (BJP) की महिला सांसदों ने स्पीकर ओम बिड़ला को पत्र लिखकर विपक्ष की उन महिला सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है जिन्होंने पिछले हफ्ते सदन में हंगामा किया था. बीजेपी की महिला सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र लिखकर 4 फरवरी 2026 को लोकसभा में हुई एक घटना के मद्देनजर विपक्षी सांसदों के खिलाफ ‘नियमों के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई’ की मांग की है.

इस पत्र में उन्होंने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान अध्यक्ष की ओर से सदन की गरिमा, शिष्टाचार और पवित्रता को बरकरार रखने व संरक्षित करने के अभूतपूर्व तरीके की प्रशंसा भी की है. इससे पहले सोमवार (9-02-226) को कांग्रेस की महिला सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को एक कड़ा लेटर लिखकर उन पर ‘झूठे और मानहानिकारक आरोप’ लगाने का आरोप लगाया है.

यह विवाद तब शुरू हुआ जब बिरला ने पब्लिकली कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को सदन में न आने की सलाह दी थी, क्योंकि उन्हें डर था कि कांग्रेस सांसद PM की सीट के पास कोई गलत घटना कर सकते हैं.

बीजेपी की महिला सांसदों ने क्या की मांग?

महिला सांसदों के पत्र में कहा गया है, “उस दिन पूरा सदन लोकसभा के अंदर की एक बुरी घटना के साक्षी बना. हमने विपक्षी दल के सदस्यों को न सिर्फ सदन के वेल में उतरते हुए देखा, बल्कि अध्यक्ष की मेज पर चढ़ते हुए कागजात फाड़ते हुए और उन्हें अध्यक्ष की ओर फेंकते हुए भी देखा. इसके अलावा दुखद रूप से कुछ माननीय महिला सांसद आक्रामक व्यवहार करते हुए और बैनर-प्लेकार्ड लेकर दूसरी ओर आ गईं. उन्होंने न सिर्फ प्रधानमंत्री की सीट को घेरा बल्कि उन ट्रेजरी बेंचों में भी प्रवेश किया जहां वरिष्ठ मंत्री बैठते हैं.”

Letter

पत्र में आगे मांग की गई है कि हम आपसे आग्रह करती हैं कि उन विपक्षी सांसदों के खिलाफ, जिन्होंने सदन परिसर के भीतर इस तरह के जघन्य कृत्य किए हैं और हमारे लोकतांत्रिक संस्थानों को बदनाम किया है, नियमों के तहत सख्त से सख्त संभव कार्रवाई की जाए.

संसद में बना हुआ तनाव

संसद में तनाव बना हुआ है, विपक्षी दलों ने अभी तक इस पत्र पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. बता 5 फरवरी राहुल गांधी पूर्व आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे की अनपब्लिश्ड किताब फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी (Four Stars of Destiny) लेकर संसद पहुंचे थे. राहुल गांधी संसद में इस किताब का अंश पढ़ना चाहते थे, जिसे स्पीकर और सत्ता पक्ष के सांसदों द्वारा पढ़ने नहीं दिया गया, जिसके बाद ये पूरा हंगामा शुरू हुआ.

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