Breaking
दोपहर में सर्द हवाओं ने बढ़ाई ठंड दिन का पारा सामान्य से 2 डिग्री कम ​​​​पेटीएम वॉलेट बैंक एक्टिवेटेड थे सिम, गिरोह के सदस्यों की तलाश पानी भरने गई पीड़िता से की थी अभद्रता , 8 साल पहले दर्ज हुआ था मामला दिसंबर में बुध, शुक्र, सूर्य का गोचर, जानें कब है गीता जयंती, एकादशी, क्रिसमस वर्ष 2023 में संतान की रक्षा, सेहत, आयु और खुशी के लिए आ रहे हैं 6 व्रत न प्रिंसिपल आए और न शिक्षक; पढ़िए पूरा मामला अनुसूचित जाति के लिए 13% आरक्षण का विरोध,16 फीसदी नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी शीतकालीन सत्र पर फैसला; विधायी कार्यों की भी मिलेगी मंजूरी, ग्रीन टैक्स पर लगेगी मुहर मोहाली के विकास भवन में की जाएगी कार्यक्रम की शुरूआत हिमाचल में सभी सीटों पर होगी 'आप' की जमानत जब्त, केजरीवाल को बताया देश का झूठा इंसान

प्रसिद्ध इतिहासकार और पद्म विभूषण से सम्मानित बाबासाहेब पुरंदरे का निधन; पीएम मोदी ने जताया शोक

Whats App

पुणे। प्रसिद्ध इतिहासकार और लेखक बाबासाहेब पुरंदरे का पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में आज सुबह 5 बजे निधन हो गया। वह 99 वर्ष के थे। पुरंदरे निमोनिया से ग्रसित थे और बीते शनिवार से अस्‍पताल में भर्ती थे। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्‍हें वेंटीलेटर पर रखा गया था। लेकिन इसके बाद उनकी सेहत में कोई सुधार नहीं दिखा और हालत लगातार बिगड़ती ही चली गई। बाबा पुरंदरे के निधन पर देशभर में उनके चाहने वालों ने शोक व्यक्त किया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बाबासाहेब के अंतिम संस्कार की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई अन्य लोगों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।

पद्म विभूषण से सम्मानित

बलवंत मोरेश्वर पुरंदरे में जन्मे, बाबासाहेब ने छत्रपति शिवाजी पर कई किताबें लिखीं और अपना जीवन इतिहास और शोध के लिए समर्पित कर दिया। उन्हें 2019 में भारत के दूसरे सबसे बड़े नागरिक पुरस्कार पद्म विभूषण और 2015 में महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्होंने नाटक ‘जांता राजा’ लिखा और निर्देशित किया, जिसे 200 से अधिक कलाकारों ने प्रस्तुत किया है। इस नाटक का पांच भाषाओं में अनुवाद किया गया है।

Whats App

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जताया दुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और ट्वीट करते हुए कहा- इस दर्द को वह शब्‍दों में व्‍यक्‍त नहीं कर सकते। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि बाबासाहेब अपने व्यापक कार्यों के कारण हमारे बीच हमेशा जीवित रहेंगे। उनके निधन से इतिहास और संस्कृति की दुनिया में एक बड़ा शून्य हो गया है। उनकी किताबों के आने वाली पीढ़ियां छत्रपति शिवाजी महाराज से जुड़ेंगी। उनके कार्यो को हमेशा याद किया जाएगा।

jagran

दोपहर में सर्द हवाओं ने बढ़ाई ठंड दिन का पारा सामान्य से 2 डिग्री कम     |     ​​​​पेटीएम वॉलेट बैंक एक्टिवेटेड थे सिम, गिरोह के सदस्यों की तलाश     |     पानी भरने गई पीड़िता से की थी अभद्रता , 8 साल पहले दर्ज हुआ था मामला     |     दिसंबर में बुध, शुक्र, सूर्य का गोचर, जानें कब है गीता जयंती, एकादशी, क्रिसमस     |     वर्ष 2023 में संतान की रक्षा, सेहत, आयु और खुशी के लिए आ रहे हैं 6 व्रत     |     न प्रिंसिपल आए और न शिक्षक; पढ़िए पूरा मामला     |     अनुसूचित जाति के लिए 13% आरक्षण का विरोध,16 फीसदी नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी     |     शीतकालीन सत्र पर फैसला; विधायी कार्यों की भी मिलेगी मंजूरी, ग्रीन टैक्स पर लगेगी मुहर     |     मोहाली के विकास भवन में की जाएगी कार्यक्रम की शुरूआत     |     हिमाचल में सभी सीटों पर होगी ‘आप’ की जमानत जब्त, केजरीवाल को बताया देश का झूठा इंसान     |    

पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9431277374