Breaking
रमा देवी बंशीलाल गुर्जर और नम्रता प्रितेश चावला के नाम पर चल रहा मंथन महिलाओं की उंगलियां होती है ऐसी, स्वभाव से होती हैं गंभीर और बड़ी खर्चीली इन चीजों से किडनी हो सकती है खराब दिल्ली से किया था नाबालिग को अगवा, CCTV फुटेज से आरोपियों की हुई थी पहचान गृह विभाग में अटकी फ़ाइल, क्या रिटायर्ड होने के बाद होगा प्रमोशन एशिया कप के लिए टीम का ऐलान आज वास्तु की ये छोटी गलतियां कर सकती हैं आपका बड़ा नुकसान, खो सकते हैं आप अपना कीमती दोस्त आय से अधिक संपत्ति मामले में शिबू सोरेन को लोकपाल का नोटिस बाइक से कोरबा लौटने के दौरान हादसा, दूसरे जवान की हालत गंभीर; पुलिस लाइन में पदस्थ थे दोनों | road a... खरीदें Redmi का शानदार 5G स्मार्टफोन

तेजस्‍वी का बड़ा हमला, शपथ लेने वाले अफसर और सत्‍तारूढ़ दल के नेता पीते हैं शराब

Whats App

पटना। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने कहा है कि अगर हजार बैठकों के बावजूद राज्य में शराब की बिक्री हो रही है तो यह प्रशासन की नहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) की विफलता है। तेजस्वी ने मुख्यमंत्री की मंगलवार को हुई शराबबंदी की समीक्षा से पहले मुख्यमंत्री से 15 सवाल पूछे। पूछा कि छह वर्षों में शराब के कितने तस्कर, माफिया और अधिकारी जेल भेजे गए हैं। कितने डीएसपी-एसपी बर्खास्त हुए। सिर्फ सिपाही निलंबित किए जाते हैं। जबकि शराब पीने के आरोप में दलित और कमजोर वर्ग के लाखों लोग जेल में डाल दिए गए हैं। सरकार शराब माफियाओं के खिलाफ अदालत में साक्ष्य नहीं दे पाती है। माफिया तुरंत रिहा हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि समीक्षा का कोई परिणाम नहीं निकलता है। ये सिर्फ नौटंकी है।

सत्‍तारूढ़ दल के नेता पीते हैं शराब  

विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि शराबबंदी की शपथ लेने वाले अधिसंख्य अधिकारी और सत्तारूढ़ दल के नेता खुद शराब पीते हैं। सदन में साक्ष्य प्रस्तुत करने के बाद मंत्री रामसूरत राय और उनके भाई के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। हम शराबबंदी में सहयोग करते हैं। साक्ष्य देते हैं। कई जदयू नेताओं के भी साक्ष्य दिए गए। किसी पर कार्रवाई नहीं हुई।  तेजस्वी ने कहा कि मुख्यमंत्री को जीतनराम मांझी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. संजय जायसवाल सहित अन्य सांसदों की बातों पर भी गौर करना चाहिए। ये सब शराबबंदी की खामियां गिनाते हैं।  सरकार उन पर अमल नहीं करती है। उन्होंने पूछा कि 15 दिनों में विभिन्न जिलों में जहरीली शराब से हुई 65 मौतों का दोषी कौन है। शराबबंदी के बावजूद प्रदेश की सीमा के अलावा 4-5 जिलों की सीमा पार कर करोड़ों लीटर शराब गंतव्य स्थल तक कैसे पहुंचती है? विपक्ष के नेता ने कहा कि दिखावटी समीक्षा बैठक के बदले मुख्यमंत्री गहन चिंतन करें। खुले मन से प्रशासन की गलतियां स्वीकार करें। इसके बिना शराबबंदी कारगर नहीं होगी।

रमा देवी बंशीलाल गुर्जर और नम्रता प्रितेश चावला के नाम पर चल रहा मंथन     |     महिलाओं की उंगलियां होती है ऐसी, स्वभाव से होती हैं गंभीर और बड़ी खर्चीली     |     इन चीजों से किडनी हो सकती है खराब     |     दिल्ली से किया था नाबालिग को अगवा, CCTV फुटेज से आरोपियों की हुई थी पहचान     |     गृह विभाग में अटकी फ़ाइल, क्या रिटायर्ड होने के बाद होगा प्रमोशन     |     एशिया कप के लिए टीम का ऐलान आज     |     वास्तु की ये छोटी गलतियां कर सकती हैं आपका बड़ा नुकसान, खो सकते हैं आप अपना कीमती दोस्त     |     आय से अधिक संपत्ति मामले में शिबू सोरेन को लोकपाल का नोटिस     |     बाइक से कोरबा लौटने के दौरान हादसा, दूसरे जवान की हालत गंभीर; पुलिस लाइन में पदस्थ थे दोनों | road accident in chhattisharh; bike rider chhattisgarh police head constable dies in car collision in korba     |     खरीदें Redmi का शानदार 5G स्मार्टफोन     |    

पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9431277374