Breaking
ज्ञानवापी के तहखाने की पहली तस्वीर, हिंदू पक्ष ने की ये दीवार तोड़ने की मांग; पीछे शिवलिंग होने का द... ट्रक ने स्कूटी में मारी टक्कर, दो लड़कियों की मौत  कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी! खत्म हुआ NPS, पुरानी पेंशन लागू करने के आदेश जारी पेटीएम ने 950 करोड़ के निवेश के लिए बनाई बीमा फर्म इस सप्ताह शेयर बाजार में इन फैक्टर्स का दिख सकता है असर, निवेश से पहले जरूर जान लें भारत की इकलौती ट्रेन जिसमें नहीं लगता किराया, 73 साल से फ्री में यात्रा कर रहे लोग यूपी सरकार का बड़ा फैसला! घर के एक सदस्य को देगी रोजगार, जान लीजिए प्लान दबंगों ने बाइक का एक्सीलेटर तेज करने पर युवक की पिटाई IPL खत्म होते ही एक टीम में खेलते नजर आएंगे कीरोन पोलार्ड और सुनील नरेन आजम खान के योगी आदित्यनाथ सरकार के पहले बजट सत्र में शामिल होने की संभावना बेहद कम

मध्‍य प्रदेश में गोशालाओं के विकास के लिए शिवराज सरकार कर लगाएगी

Whats App

भोपाल। प्रदेश में गोशालाओं के विकास के लिए सरकार कर लगाएगी। इसकी विस्तृत कार्ययोजना बनाने के निर्देश मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश गो-पालन एवं पशुधन संवर्धन बोर्ड की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को दिए। साथ ही यह भी कहा कि सरकारी कार्यालय में गो-फिनायल का उपयोग किया जाए। आगर मालवा जिले के सालरिया गो-अभयारण्य को देश के आदर्श के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रदेश में 20वीं पशु संगणना के अनुसार एक करोड़ 87 लाख 50 हजार गोवंश हैं।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में गोशालाओं के विकास के लिए स्वयंसेवी संगठनों को काम दिया जाए। गोशालाओं का काम ही सेवाभाव है। स्वयंसेवी संगठन सेवाभाव रखकर गोशालाओं को अच्छी तरह विकसित कर सकते हैं। अशासकीय स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा संचालित गोशालाओं को अनुदान देने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। साथ ही कहा कि प्रदेश की छह गोशालाओं को प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। जबलपुर जिले के गंगईवीर में गोवंश वन विहार की स्थापना की जाएगी। यहां पशुपालन विभाग की 530 एकड़ भूमि पर क्रमबद्घ तरीके से दो हजार गो-वंश को आश्रय दिया जा सकेगा।

बैठक में बोर्ड के अध्यक्ष स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरि, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। ज्यादा दूध देने वाले गो-वंश पर अनुसंधान करें उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गो-वंश एवं नंदी की नस्ल सुधार के विशेष प्रयास किए जाएं। ज्यादा दूध देने वाले गो-वंशी पशु पर अनुसंधान करें। गो-उत्पादों के विक्रय के लिए व्यवस्था बनाने के साथ प्रचार-प्रसार किया जाए। गोशालाओं के विकास के लिए कर लगाने की योजना बनाने के साथ ही जनभागीदारी को भी बढ़ावा दिया जाए। 2200 गो-शालाएं बनेंगी बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में दो हजार 200 गोशालाएं बनाई जाएंगी। गो-अभयारण्य को गो-पर्यटन का केंद्र बनाया जाएगा। इसके लिए पर्यटन विभाग ने काम शुरू कर दिया है। प्रदेश में बंद किए गए आठ गो-सदन फिर से प्रारंभ किए जाएंगे।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

ज्ञानवापी के तहखाने की पहली तस्वीर, हिंदू पक्ष ने की ये दीवार तोड़ने की मांग; पीछे शिवलिंग होने का दावा     |     ट्रक ने स्कूटी में मारी टक्कर, दो लड़कियों की मौत      |     कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी! खत्म हुआ NPS, पुरानी पेंशन लागू करने के आदेश जारी     |     पेटीएम ने 950 करोड़ के निवेश के लिए बनाई बीमा फर्म     |     इस सप्ताह शेयर बाजार में इन फैक्टर्स का दिख सकता है असर, निवेश से पहले जरूर जान लें     |     भारत की इकलौती ट्रेन जिसमें नहीं लगता किराया, 73 साल से फ्री में यात्रा कर रहे लोग     |     यूपी सरकार का बड़ा फैसला! घर के एक सदस्य को देगी रोजगार, जान लीजिए प्लान     |     दबंगों ने बाइक का एक्सीलेटर तेज करने पर युवक की पिटाई     |     IPL खत्म होते ही एक टीम में खेलते नजर आएंगे कीरोन पोलार्ड और सुनील नरेन     |     आजम खान के योगी आदित्यनाथ सरकार के पहले बजट सत्र में शामिल होने की संभावना बेहद कम     |    

पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9431277374