नई दिल्ली। संसद का बजट सत्र जारी है। नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के प्रदर्शन को लेकर बुधवार को दोनों सदनों में खूब हंगामा हुआ। इसे लेकर आज भी हंगामे के आसार हैं। इस बीच राज्यसभा की कार्यवाही जारी है। पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने कहा कि हम गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर रैली में हुए उपद्रव की निंदा करते हैं, लेकिन किसान इसके लिए जिम्मेदार नहीं हैं। उन्हें सजा नहीं मिलनी चाहिए। विरोध स्थल पर कंक्रीट की दीवारें लगाने के केंद्र के फैसले से कुछ हासिल नहीं होगा। सरकार को मामले में शांति से निपटना चाहिए। गणतंत्र दिवस की घटना के लिए किसान जिम्मेदार नहीं हैं, हैं। राज्य सरकार की राय भी लेनी चाहिए।
बता दें कि कोरोना संक्रमण के मद्देनजर शारीरिक दूरी सुनिश्चित करने के लिए लोकसभा और राज्यसभा की बैठकें दो पालियों में आयोजित हो रही हैं। बैठकें पांच-पांच घंटे की पारी में आयोजित हो रही हैं। राज्यसभा की कार्यवाही सुबह होती है और दोपहर के बाद लोकसभा की कार्यवाही शुरू होती है। बजट सत्र दो चरणों में आयोजित होगा। पहला चरण 15 फरवरी को खत्म होगा और दूसरा चरण 8 मार्च से 8 अप्रैल तक आयोजित होगा।
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– कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नोटबंदी से लेकर सीएए ऐसे ब्लंडर हैं, जिन्होंने लोगों को बड़ी चोट दी है । उन्होंने कहा कि नोटबंदी से लगभग 50 लाख लोग बेरोजगार हुए और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों पर इसकी सबसे ज्यादा मार पड़ी। सरकार के वादों और क्रियान्वयन के बीच अंतर बहुत बड़ा है और वहो लोगों का दिल नहीं जीत सकी है, चाहे वह गरीब हो, किसान हो या मजदूर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने सरकार पर कोरोना महामारी को लेकर भी निशाना साधा।
– भाजपा के राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस और विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब देश कोरोना से जूझ रहा है, तो विपक्ष उंगलियां उठाने में व्यस्त है। पहले उन्होंने लॉकडाउन और फिर अनलॉक फेज पर सवाल उठाया। कांग्रेस सांसद आनंद शर्मा ने अपनी रिपोर्ट में लॉकडाउन के उपायों की सराहना की। इसके बावजूद पार्टी वैक्सीन पॉलिटिक्स का आरोप लगा रही है। जब यूपीए सरकार थी, तब स्वास्थ्य बजट का पूरा उपयोग नहीं किया गया था। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए का पांच साल का बजट 1,75,000 करोड़ रुपये का था जबकि एनडीए का एक साल का स्वास्थ्य बजट 2,23,000 करोड़ है। इसमें पिछले वर्ष के मुकाबले 137 फीसद की वृद्धि हुई है।
– राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के मनोज झा ने कहा कि सरकार पंजाब और हरियाणा में बिहार के मॉडल को दोहराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि 2006 में एपीएमसी अधिनियम के लागू होने के बाद बिहार एक लेबर सप्लाई करने वाला राज्य बन गया है क्योंकि किसान मजदूर बन गए हैं। राजद सांसद ने कहा कि जिस तरह से दिल्ली की सीमाओं पर किसानों के साथ व्यवहार किया गया है वह नहीं होना चाहिए था और पानी और बिजली को रोकना अमानवीय था। सांसद ने कहा कि सरकार को किसानों की बात सुननी चाहिए और कानून वापस लेने चाहिए। किसान आंदोलन को लेकर पॉप स्टार रिहाना की एक ट्वीट को लेकर उन्होंने कहा कि एक ट्वीट से लोकतंत्र कमजोर नहीं होगा, लेकिन सरकार का जो दृष्टिकोण है, जो उससे जरूर होगा।
– विश्व स्वास्थ्य संगठन की वेबसाइट पर भारत के नक्शे के गलत चित्रण का मुद्दा डब्ल्यूएचओ के समक्ष जोरदार तरीके से उठाया गया है। जवाब में डब्ल्यूएचओ ने जेनेवा में भारत के स्थायी मिशन को सूचित किया है कि उन्होंने पोर्टल पर एक डिस्कलेमर डाल दिया है।
– लोकसभा में कांग्रेस के सांसद और सचेतक मणीकम टैगोर ने ‘कृषि कानूनों’ पर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया है।
– गृह राज्य मंत्री जी.किशन रेड्डी ने जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) अध्यादेश, 2021 को बदलने के लिए राज्यसभा में विधेयक पेश किया।
– कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में कृषि कानूनों के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया।
– दिल्ली: राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई।
– कांग्रेस सांसद छाया वर्मा और समाजवादी पार्टी के सांसद विशम्भर प्रसाद ने राज्यसभा में ‘देश में बढ़ती बेरोजगारी’ पर अल्पकालिक चर्चा का नोटिस दिया।
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