भुवनेश्वर। ओडिशा में विभिन्न वर्गों से उठे विरोध के स्वर के बाद केंद्र सरकार ने श्रीमंदिर के लिए प्रस्तावित उपनियम को वापस ले लिया है। इसे वापस लिए जाने की जानकारी खुद केंद्रीय संस्कृति मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने ट्वीट के माध्यम से दी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण (एनएमए) के अध्यक्ष को बगैर विश्वास में लिए इसे जारी कर दिया गया था।
बीजद सांसद प्राधिकरण उपनियम को वापस लेने की मांग को लेकर संस्कृति मंत्री से मिले
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के निर्देश पर बीजू जनता दल (बीजद) के सांसदों ने सोमवार को केंद्रीय संस्कृति मंत्री से मुलाकात की। सांसद भर्तृहरि महताब के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्री से मिलकर प्रतिनिधिमंडल ने प्रस्तावित उपनियम को वापस लेने की मांग की। केंद्रीय मंत्री धर्मेद्र प्रधान के नेतृत्व में भी भाजपा सांसदों ने इस मसले पर केंद्रीय संस्कृति मंत्री से मुलाकात की और प्रस्ताव वापस लेने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।
मुख्यमंत्री पटनायक ने पुरी का किया दौरा श्रीजगन्नाथ के किए दर्शन
इधर, मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने सोमवार को पुरी का दौरा किया। मुख्यमंत्री सबसे पहले श्रीमंदिर पहुंचे। गर्भ गृह में पहुंचकर उन्होंने महाप्रभु श्रीजगन्नाथ का दर्शन किया और श्रीमंदिर के सेवकों के साथ विभिन्न मसलों पर चर्चा की।
पटनायक ने कहा- श्रीजगन्नाथ के कार्यों को कोई भी बंद नहीं कर पाएगा
मुख्यमंत्री ने इस बीच मंदिर के चारों तरफ हो रहे विकास एवं सौंदर्यीकरण के कार्यों को देखा। बाद में पत्रकारों से मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीजगन्नाथ के कार्यों को कोई भी बंद नहीं कर पाएगा। मालूम हो कि राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण द्वारा जारी प्रस्ताव को लेकर लोगों में रोष व्याप्त था।
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