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लोकसभा में कृषि कानूनों को निरस्त कराने के लिए निजी विधेयक लाएंगे कांग्रेस सांसद

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नई दिल्ली। कांग्रेस के आठ सांसदों ने कृषि सुधार कानूनों को निरस्त कराने का दबाव बढ़ाने के लिए निजी विधेयक लाने का फैसला किया है। कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ निजी विधेयक कांग्रेस सांसदों की ओर से लोकसभा में पेश किया जाएगा और इस पर समर्थन जुटाकर सरकार को घेरने की कोशिश होगी। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी की अगुआई में पंजाब के सांसदों ने संयुक्त रूप से इस निजी विधेयक का मसौदा तैयार किया है। इस पर दूसरे दलों के सांसदों का समर्थन जुटाने का भी वे प्रयास करेंगे।

पंजाब के आठ सांसदों ने मनीष तिवारी की अगुआई में विधेयक लाने का किया एलान

मनीष तिवारी के साथ सांसद प्रणीत कौर, संतोख चौधरी, जसबीर सिंह गिल, रवनीत बिट्टू आदि की तरफ से इस निजी विधेयक को लोकसभा में पेश किया जाएगा। साथ ही स्पीकर से इस बिल पर जल्द चर्चा के लिए सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया जाएगा। तिवारी ने कहा कि वे लोग किसानों के खिलाफ हो रहे अन्याय का विरोध कर रहे दूसरे दलों के सांसदों का समर्थन भी इस विधेयक पर हासिल करने का प्रयास करेंगे। इतना ही नहीं राज्यसभा में भी कृषि कानूनों को निरस्त करने का निजी विधेयक लाने के लिए उच्च सदन के सदस्यों से अनुरोध किया जाएगा।

कांग्रेस कृषि कानूनों को रद करने के लिए लगातार मांग करती रही है। इसके लिए कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी लगातार मांग करते रहते रहे हैं। यहां तक कि कांग्रेस शासित सरकारों ने भी कानून का रद करने के लिए विधानसभा में प्रस्‍ताव पास किया है। वहीं कांग्रेस की नेता प्रियंका गांधी वाड्रा अब उत्तर प्रदेश में किसान पंचायत को धार देंगी। वह यूपी में चार किसान पंचायत में शामिल होकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश से कांग्रेस के अभियान को आगे बढ़ाएंगी। प्रियंका गांधी वाड्रा बुधवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चार सभाएं करेंगी। वह किसान पंचायत को भी संबोधित करके कृषि कानून विरोधी आंदोलन में किसान को पार्टी को जोड़ेंगी। प्रियंका गांधी इस क्रम में बुधवार को सबसे पहले सहारनपुर में किसान पंचायत में शामिल होंगी। बुधवार को प्रियंका का सहारनपुर दौरा होगा। यहां पर वह चिल्खाना में किसान पंचायत में शामिल होंगी।

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