शीतकालीन सत्र 2021: महंगाई के मुद्दे पर विपक्ष का हंगामा, राज्यसभा से कांग्रेस और तृणमूल का वाक आउट

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नई दिल्ली। राज्यसभा से विपक्ष के 12 सांसदों के निलंबन से पैदा हुआ गतिरोध टूटने का नाम नहीं ले रहा है। विपक्ष निलंबन और किसानों की मौत को लेकर दोनों सदनों में लगातार हंगामा कर रहा है। हंगामे के चलते राज्यसभा की कार्यवाही को स्थगित भी करना पड़ा। सत्ता पक्ष और विपक्ष अपने-अपने रुख पर कायम हैं। विपक्ष अपने अशोभनीय आचरण के लिए माफी मांगने को तैयार नहीं है जबकि सत्ता पक्ष कह रहा है कि जब तक माफी नहीं तब तक निलंबन की वापसी नहीं। विपक्षी सांसद संसद के बाहर और भीतर दोनों ही जगहों पर एकजुट होकर निलंबर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

राज्यसभा दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित

विपक्षी नेताओं के विरोध और वाकआउट के बाद राज्यसभा को गुरुवार दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। मौजूदा शीतकालीन सत्र के चौथे दिन यह दूसरा मौका है जब उच्च सदन को स्थगित किया गया है। इससे पहले सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

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सदन से विपक्ष का वाक आउट

तृणमूल कांग्रेस ने 12 विपक्षी सांसदों के निलंबन सहित विभिन्न मुद्दों पर राज्यसभा से वाकआउट किया है। वहीं, महंगाई के मुद्दे पर कांग्रेस, राकांपा, राजद, टीआरएस और आईयूएमएल ने राज्यसभा से वाकआउट किया है।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर ज्योतिरादित्य सिंधिया का बयान

लोकसभा में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि पिछले 6 महीनों में हमारा प्रयास रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उड़ानों को धीरे-धीरे बढ़ाया जाए… ओमिक्रोन दुनिया के लिए एक झटका है और सभी देशों को सुरक्षित रहने की जरूरत है। हमारी सरकार ने 11 देशों को ‘जोखिम वाले देशों के रूप में वर्गीकृत किया है।

अपने कदाचार पर पछतावा नहीं करना चाहते: वेंकैया नायडू

राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि इस प्रतिष्ठित सदन के कुछ सम्मानित नेताओं और सदस्यों ने अपने विवेक से 12 सदस्यों के निलंबन को ‘अलोकतांत्रिक’ बताया। आप अपने कदाचार पर पछतावा नहीं करना चाहते हैं, लेकिन सदन के नियमों के तहत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार इस सदन के निर्णय को रद्द करने पर जोर देते हैं।

दीपेंद्र हुड्डा का सरकार पर हमला

सरकार द्वारा किसान आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों का रिकार्ड न होने के जवाब पर कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि जितने किसानों ने अपनी जान कुर्बान की है उसका रिकार्ड सार्वजनिक है। संयुक्त किसान मोर्चा ने इसे प्रकाशित किया है। हर प्रदेश में गांव स्तर पर ये जानकारी मौजूद है।

राज्यसभा में पेश होगा ‘बांध सुरक्षा विधेयक 2019’

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत आज राज्यसभा में ‘बांध सुरक्षा विधेयक 2019’ पेश करेंगे। विधेयक को कल भी सदन में पेश किया गया था, लेकिन विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष द्वारा किए गए हंगामे के कारण इसे पारित नहीं किया जा सका।

काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन

कांग्रेस सहित विपक्षी दलों के सांसदों ने 12 राज्यसभा सांसदों के निलंबन को लेकर गांधी प्रतिमा के पास हाथ पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया।

आंकड़े ना दिखाना सरकार का बहानाछ: खड़गे

कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कोई सरकार ऐसी नहीं हो सकती है जिसके पास आंकड़े ना हो। आंकड़े ना दिखाना ये सरकार का बहाना है। लेकिन किसान झुकने वाले नहीं हैं वो लड़ेंगे और लड़ते रहेंगे। MSP और उनकी जितनी भी मांगें हैं वो उसके लिए लड़ेंगे।

कोरोना महामारी पर आज चर्चा

लोकसभा में आज नियम 193 के तहत कोरोना महामारी पर चर्चा होगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा. मनसुख मंडाविया आज लोकसभा में राष्ट्रीय औषधि शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2021 पेश करेंगे।

तमिलनाडु बाढ़ में मुआवजे की मांग

कांग्रेस सांसद मनिकम टैगोर ने तमिलनाडु में भारी बाढ़ और अत्यधिक वर्षा के बाद हुए नुकसान पर चर्चा करने के लिए, सरकार को प्रभावित किसानों और अपनी संपत्ति खोने वाले लोगों के लिए 4,626 करोड़ रुपये के बाढ़ राहत के मुआवजे की घोषणा करने का निर्देश देने के लिए लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया है

टीआरएस ने दिया स्थगन प्रस्ताव नोटिस

टीआरएस सांसद नामा नागेश्वर राव ने लोकसभा में ‘खाद्यान्न खरीद पर राष्ट्रीय नीति’ के मुद्दे पर चर्चा और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी के लिए स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया है।

विपक्ष को बोलने से रोका जा रहा है: कांग्रेस

वहीं, निलंबित सांसदों का साफ कहना था कि वह माफी तो नहीं मांगेंगे। कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी संसद के हंगामे को लेकर सरकार पर निशाना साधा और कहा कि विपक्ष को बोलने से रोका जा रहा है। सरकार सदन में चर्चा की अनुमति नहीं दे रही है। विपक्षी सांसदों को भी गलत तरीके से निलंबित किया गया है।

अशोभनीय आचरण करने की वजह से निलंबन

गौरतलब है कि संसद के सोमवार को आरंभ हुए शीतकालीन सत्र के पहले दिन कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी दलों के 12 सदस्यों को पिछले मानसून सत्र के दौरान अशोभनीय आचरण करने की वजह से इस सत्र की शेष अवधि के लिए राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया।

इन सदस्यों को किया गया निलंबित

जिन सदस्यों को निलंबित किया गया है उनमें माकपा के इलामारम करीम, कांग्रेस की फूलों देवी नेताम, छाया वर्मा, रिपुन बोरा, राजमणि पटेल, सैयद नासिर हुसैन, अखिलेश प्रताप सिंह, तृणमूल कांग्रेस की डोला सेन और शांता छेत्री, शिव सेना की प्रियंका चतुर्वेदी और अनिल देसाई तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के विनय विस्वम शामिल हैं।

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