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जेल में बंद पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई पर नीतीश सरकार बोली- ‘उन्हें अभी नहीं छोड़ा जा सकता’

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पटनाः बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राजद ने शुक्रवार को मांग की कि 14 साल से अधिक समय तक जेल में सजा काट चुके राजनेताओं को तत्काल रिहा किया जाए। इस पर राज्य सरकार ने कहा कि गोपालगंज के तत्कालीन जिलाधिकारी जी. कृष्णैया की हत्या के आरोप में उम्र कैद की सजा काट रहे पूर्व सांसद आनंद मोहन को अभी रिहा नहीं किया जा सकता, उन्हें जेल में ही रहने पड़ेगा।

दरअसल, बिहार विधानसभा में चेतन आनंद सहित राजद और अन्य विपक्षी दलों के विधायकों द्वारा शुक्रवार को 14 साल से अधिक समय तक जेल में सजा काट चुके राजनेताओं की तत्काल रिहाई के लिए एक ध्यानकर्षण लाया गया था। वहीं सरकार की ओर से प्रभारी गृहमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि ड्यूटी के दौरान एक लोक सेवक की हत्या के आरोप में जेल में बंद आनंद मोहन को रिहाई नहीं मिल सकती। बता दें कि आनंद मोहन सिंह को हत्या के मामले में मौत की सजा दी गई थी जिसे बाद में आजीवन कारावास में बदल दिया गया था।

पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान चेतन आनंद ने कहा, ‘‘मैंने सदन के सदस्य और एक पीड़ित परिवार के सदस्य के रूप में इस मामले को उठाया था।” चेतन ने कहा, ‘‘प्रभारी मंत्री द्वारा मेरे निवेदन का जवाब स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि ऐसे कैदियों को रिहा करने का सरकार का कोई इरादा नहीं है। मैंने न केवल अपने पिता के लिए बल्कि राजेंद्र यादव सहित कई अन्य लोगों की रिहाई के लिए यह मामला सदन में उठाया था।”

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राजेंद्र यादव गया के अतरी से राजद के पूर्व विधायक हैं जिन्हें जदयू के एक कार्यकर्ता की हत्या के लिए दोषी ठहराया गया है जो फरवरी 2005 में सीट जीतने के बाद विजय जुलूस निकाल रहे थे। प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर राजनीतिक द्वेष के तहत विपक्षी दलों से जुडे ऐसे नेताओं को रिहा नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आनंद मोहन और राजेंद्र यादव को रिहा करने की अनिच्छा राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक निवर्तमान मंत्री के भतीजे का नाम करीब एक महीने पहले हुई एक हत्या में आने के बाद भी उसे अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया ।

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