रायपुर। मुख्यमंत्री निवास में मंगलवार को उस समय रोचक नजारा देखने को मिला, जब मंत्री कवासी लखमा खुद ही पकौड़ा तलने लगे। दरअसल, कोरोना काल के बाद पहली बार बस्तर के विधायकों समेत 300 से ज्यादा जनप्रतिनिधि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात करने सीएम हाउस पहुंचे। जनप्रतिनिधियों के स्वागत सत्कार का जिम्मा खुद मंत्री लखमा ने संभाला। लखमा रसोई में गए और पकौड़ा तलने लगे। लखमा के पकौड़ा तलते ही तस्वीर उनके एक समर्थक सुशील महाराज ने इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट की।
सुशील ने लिखा- बस्तर के करीब 300 लोग मंत्री कवासी लखमा के साथ सीएम हाउस पहुंचे। समाज के प्रतिनिधियों के साथ ही विधायक और जनप्रतिनिधि भी शामिल हैं। इनको लाने और मुख्यमंत्री से मिलवाने का इंतजाम खुद मंत्री लखमा ने किया है।
सुशील ने पोस्ट किया-छत्तीसगढ़ में राजनीतिक हलचल के बीच विधायकों और जनप्रतिनिधियों के साथ खुशनुमा माहौल देखना है तो आज सीएम हाउस आ जाइए। बस्तर के प्रभारी और जमीन से जुड़े नेता लखमा बस्तर के 300 लोगों को लेकर सीएम हाउस पहुंचे हुए हैं। उनके साथ सभी विधायकों, जनप्रतिनिधियों के साथ समाज प्रमुखों भी है, जिन्हें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से सीधी चर्चा का मौका मिला है।
इस मुलाकात में सभी अपने-अपने क्षेत्र और समाज की आवश्यकताओं को लेकर मुख्यमंत्री से चर्चा कर रहे हैं। सीएम हाउस पहुंचे सभी लोगों के लिए मनचाहा स्वादिष्ट भोजन मंत्री कवासी लखमा की देखरेख में तैयार हो रहा है। होटल से आए खानसामा को किनारे कर लखमा खुद पकौड़े तलने का मोर्चा संभाले हुए हैं। कोरोना काल के बाद इतनी बड़ी संख्या में लोग एक साथ इकट्ठे नहीं हो पाए थे, इसलिए सभी मुख्यमंत्री से सीधी बातचीत करके काफी खुश नजर आए।
मुख्यमंत्री ने सबकी बातों को न केवल सुना, बल्कि कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी कर विकास कार्य की अनुमति देने का निर्देश भी दिया। सुशील ने कहा, यह पकौड़ा पार्टी राजनीतिक संदेश से भरी रही। इस तरीके की पार्टी पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी विधायकों के साथ करके राजनीतिक संदेश देते थे। अब जोगी तो रहे नहीं, लेकिन सीएम हाउस की पार्टी ने सियासत में वही तीखापन का तड़का लगा दिया है। अब पकौड़ा पार्टी क्या रंग लाती है, इस पर सबकी निगाहें हैं।
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