भिलाई। सेल प्रबंधन ने अधिकारियों की लंबित समस्याओं का जल्द समाधान का आश्वासन दिया है। सेफी पदाधिकारियों के साथ बैठक में सेल चेयरमैन ने इसका आश्वासन दिया। नई दिल्ली स्थित सेल कारपोरेट ऑफिस के बोर्ड रूम में आयोजित बैठक में सेफी चेयरमैन एन के बंछोर व टीम तथा सेल-प्रबंधन की ओर से चेयरमैन सोमा मण्डल, डायरेक्टर (टेक्नीकल, प्रोजेक्ट और रा मटेरियल) हरिनंद राय तथा डायरेक्टर फायनेंस अमित सेन सहित सेल के अन्य उच्च अधिकारीगण शामिल हुए।
इस बैठक में सेफी ने सेल के अधिकारियों से जुड़े विभिन्ना मुद्दों पर सेल प्रबंधन से गंभीर चर्चा की। सेफी ने डीपीई गाइडलाइन के अनुरूप थर्ड पे-रिवीजन को शीघ्र लागू करने तथा एरियर्स का भुगतान करने की अपनी मांग दोहराई। सेल प्रबंधन ने डीपीई गाइडलाइन के तहत शीघ्र ही अधिकतम लाभ के साथ थर्ड पे-रिवीजन लागू करने पर अपनी सहमति जताई। सेफी ने थर्ड पे-रिवीजन के पूर्व जूनियर अफसरों के बैच-2008 व 2010 के पे-फिक्सेशन के मुद्दे को पुनः उठाया। इस संदर्भ में सेल प्रबंधन ने समाधान के लिए समिति का गठन किया है। यह समिति इस मुद्दे के समाधन हेतु हर संभावित सुझावों पर विचार कर अपनी अनुशंसा सेल प्रबंधन के सामने रखेगी। इसका समाधान 30 सितम्बर तक कर दिया जाएगा।
सेफी ने वित्त वर्ष 2020-21 के पीआरपी के एवज में एडवांस पेमेंट की मांग रखी। जिस पर प्रबंधन ने आष्वस्त किया कि दुर्गा पूजा के पहले पीआरपी पेमेंट जारी करने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा सेल प्रबंधन ने कहा कि शीघ्र ही बैकों के साथ एक एमओयू किया जाएगा जिसके तहत इन बैंकों द्वारा सेल कर्मियों को कम दरों में हाउसिंग लोन तथा वाहन लोन उपलब्ध कराया जाएगा।
सेल प्रबंधन ने बताया कि सेल अस्पतालों में मेडिकल सुविधाएं बेहतर करने हेतु एक समिति द्वारा वर्तमान के मेडिकल रूल्स की जांच की जा रही है। इस समिति द्वारा सुधार की अनुशंसा की जायेगी। वहीं टाउनशिप में बेहतर सुविधा की मांग पर सेल-प्रबंधन ने कहा कि बेकार हो चुके घरों को गिराया जा रहा है साथ ही पुराने घरों की बेहतर मरम्मत कर उन्हें पुनः उपयोगी बनाया जा रहा है। इसके साथ ही चरणबद्ध तरीके से नये घरों का निर्माण किया जा रहा है और भविष्य में भी किया जाता रहेगा।
सेफी ने एक बार में अधिक सीएल लेने की सीमा को बढ़ाने, एचआरए को पुनः प्रारंभ करने, जेओ बैच-2018 के ई-1 ग्रेड में नोशनल प्रमोशन, टीए व बीए तथा टर्मिनल टीए के दर बढ़ाने, नये एक्ीक्यूटिव प्रमोशन पालिसी में संसोधन की भी मांग की गई।
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