बिलासपुर। जिला न्यायालय के फास्ट ट्रैक कोर्ट ने किशोरी के साथ शादी करने का झांसा देकर जबरिया दुष्कर्म करने के आरोपित को दस साल कैद व पांच सौ स्र्पये जुर्माने की सजा सुनाई है।
सरकंडा क्षेत्र की 16 वर्षीय किशोरी ने पुलिस से शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया कि मूलत: तखतपुर क्षेत्र के ग्राम मोढ़े निवासी दीपक उर्फ पुस्र्षोत्तम धुरी पिता दुर्गाप्रसाद धुरी (28) पड़ोस में अपने रिश्तेदार के यहां आता था। घटना 11 मार्च 2019 की है। जब उसके रिश्तेदार घर में नहीं थे। तभी मौका पाकर दीपक उसे अपने घर बुलाकर ले गया। इस दौरान उसके साथ शादी करने का झांसा देकर जबरदस्ती दुष्कर्म किया।
इसके बाद से वह लगातार शारीरिक संबंध बनाते रहा। बाद में उसने विवाद करते हुए शादी करने से इन्कार कर दिया। इससे परेशान होकर किशोरी ने 13 दिसंबर 2019 को किशोरी ने सरकंडा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। जिस पर पुलिस ने आरोपित दीपक के खिलाफ धारा 376, 417, व 4-6 पाक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर लिया। इस बीच पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
फिर मामले की जांच कर कोर्ट में चालान पेश किया। मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट (पाक्सो) में हुई। इस दौरान आरोपित को दोष सिद्ध पाया गया। लिहाजा, कोर्ट ने उसे दस साल कैद व पांच सौ स्र्पये जुर्माने की सजा सुनाई है।
मेहमानी में आई पत्नी, तब पता चला शादीशुदा है आरोपित
पीड़िता किशोरी को नहीं पता था कि आरोपित शादीशुदा है। लेकिन, जब आरोपित की पत्नी रिश्तेदार के यहां आई। तब किशोरी को पता चला कि दीपक की शादी हो चुकी है। इस पर दीपक ने उससे शादी कर अलग रखने की बात कही। लेकिन बाद में किशोरी ने शादी करने के लिए दबाव बनाया। तब उसने धमकी देते हुए शादी करने से इन्कार कर दिया।
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