नई दिल्ली/सोनीपत/गाजियाबाद। तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसानों के धरना प्रदर्शन के बीच दिल्ली-हरियाणा के सिंघु बार्डर से राहत भरी खबर भी आ रही है। संयुक्त किसान मोर्चा के अग्रणी नेताओं में शुमार भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait, national spokesperson of Bharatiya Kisan Union) ने कहा है कि बातचीत केंद्रीय सरकार को शुरू करनी है। वे लोग इसके लिए तैयार हैं। उन्होंने अपनी ओर से सकारात्मक पक्ष रखते हुए यह भी कहा कि अगर केंद्र सरकार बातचीत की शुरुआत करेगी तो संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य इसमें जरूर जाएंगे। वे शुक्रवार को कुंडली बार्डर पर आयोजित एक सभा को संबोधित कर रहे थे।
अमेरिका से रह रहे भारतीयों से की अपील, उठाएं किसान आंदोलन का मुद्दा
इस दौरान उन्होंने कहा कि 27 सितंबर के भारत बंद के बाद किसान मोर्चा देशभर में बैठकें करेगा और लोगों को आंदोलन से जोड़ने का प्रयास करेगा। सभा को संबोधित करते हुए भाकियू नेता टिकैत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अमेरिका दौरे को लेकर कहा कि वहां बसे भारतीयों, वहां के नेताओं से भी गुजारिश की गई है कि वे प्रधानमंत्री के समक्ष कृषि कानून के विरोध में चल रहे आंदोलन का मुद्दा उठाएं। उन्होंने इसको लेकर ट्वीट कर वहां बसे भारतीयों व अन्य लोगों से इस संबंध में अपील की है।
कृषि कानून का खामियों को करेंगे उजागर
भाकियू नेता राकेश टिकैत ने यह भी कहा कि कुंडली बार्डर पर विशाल सभा की जा रही है, जिसमें देशभर से साधु-संत व बुद्धिजीवी लोग पहुंचे हैं। कई दिनों से बातचीत रुकी हुई थी, इसीलिए यहां बातचीत के लिए सभी पहुंचे हैं। ये सब तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ केंद्र सरकार की खामियों को उजागर करते हुए हमारे संघर्ष के बारे में बातचीत कर रहे हैं।
कुंडली बार्डर पर रास्ता खोलने को लेकर भी कही अहम बात
कुंडली बार्डर पर रास्ता खोलने के मामले में उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा जो निर्णय लेगा, वह सभी के लिए मान्य होगा। बता दें कि स्थानीय लोग रास्ता खोलने को लेकर कई बार पंचायत कर चुके हैं। बीच में दोनों पक्षों में बात बनने की खबर भी आई थी, लेकिन ऐसा संभव नहीं हो पाया है।
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