कोरबा। बच्चों को शिक्षा का पाठ पढ़ाकर समाज में ऊंचा उठाने की जिम्मेदारी लेने वाला एक शिक्षक स्वयं इतना गिर गया, जिससे शिक्षा जगत की शर्मसार होना पड़ा है। स्कूल के समय में यह शिक्षक अपने कक्ष में ही मदिरा पीकर जमीन पर पड़ा था। पढ़ाई छोड़ बच्चे परिसर में खेल रहे थे और शिक्षक के टेबल पर पकाकर खाए गए मुर्गे की हड्डियां बिखरी पड़ी थीं।
शिक्षक के मान और गौरव को आहत कर बच्चों के भविष्य को अंधकार की ओर धकेलता यह मामला विकासखंड पोड़ी-उपरोड़ा का है। कारीमाटी संकुल के ही कारीमाटी शासकीय प्राथमिक शाला में पदस्थ प्रधान पाठक रामनारायण प्रधान स्कूल के समय पर ही अपने कक्ष के भीतर नशे में धुत्त पाया गया। उसने इस कदर पी रखी थी कि खड़ा रह पाना तो दूर वह बैठ पाने की हालत में भी नहीं था। ऊपर उसकी टेबल पर मांसाहारी सब्जी खाने के बाद बची हड्डियां एक प्लेट पर बिखरी पड़ी थी और वह खुद नीचे जमीन पर लेटा हुआ था। होश-हवास गुम कर जमीन पर पड़े शिक्षक ने अपनी पैंट में लघुशंका तक कर दी थी। सूचना मिलने पर जब जनपद सदस्य प्रताप सिंह मरावी वहां निरीक्षण के लिए पहुंचे तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। स्कूल में प्रधान पाठक प्रधान की दशा देख जनपद सदस्य ने बच्चों से चर्चा की। जब उन्होंने प्रधान पाठक से चर्चा करनी चाही, वह कुछ बोल पाने की स्थिति में नहीं था। एक ओर राज्य सरकार शासकीय स्कूलों की दशा व व्यवस्थाओं को सुधारने प्रयासरत है, तो दूसरी ओर जिम्मेदार शिक्षकों के ऐसे कारनामें शासन की मंशा के विपरीत प्रस्तुत हो रही। शिक्षा देने वाले शिक्षक शराब के नशे में हो और बच्चे शिक्षा ग्रहण करने अपने शिक्षक का होश में आने का इंतजार करते रहें, तो कल के बेहतर भारत के लिए आज यह नींव कैसे मजबूत की जा सकेगी।
आनन-फानन में जांच, निलंबन की अनुशंसा
मामले की जानकारी अधिकारियों को हुई तो हड़कंप मच गया। विकासखंड शिक्षा अधिकारी स्वयं पहुंचे थे। आनन-फानन में जांच बैठाई गई और तत्काल प्रशासन को रिपोर्ट सौंपते हुए निलंबन की अनुशंसा की गई है। जिला प्रशासन को ऐसे शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई करने की आवश्यकता है, जो शिक्षा के मंदिर में इस तरह अनुशासनहीन व्यवहार में लिप्त रहते हैं। एक ओर शासन-प्रशासन शासकीय स्कूलों की दशा बेहतर करने नित नए प्रयोग अपना रहा, तो दूसरी ओर ऐसे शिक्षक उन प्रयोगों को असफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। देखने वाली बात यह होगी कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।
परिसर में ही रहता है, अक्सर मुर्गा-मदिरा पार्टी
प्रधान पाठक रामनारायण स्कूल के पास ही एक कक्ष में निवास करता है। बच्चों का कहना था कि वह इसी तरह आए दिन नशे में धुत्त होकर स्कूल आता है और उन्हें पढ़ाना तो दूर अपने होश में भी नहीं रहता। लंबे समय से इसी तरह वह कुछ लोगों के साथ पाठशाला में मुर्गा-मदिरा पार्टी कर शिक्षकों की छवि को कलंकित करता रहा है। इस मामले ने उन अभिवभावकों को सकते में ला दिया है, जो अपने बच्चो को ऐसे शिक्षकों के हवाले कर उनके उज्ज्वल भविष्य को संवारने का सपने देख रहे हैं। शर्मसार कर देने वाली यह घटना शासकीय स्कूलों की लचर व्यवस्था पर बड़ा सवाल है
दूसरा शिक्षक पिछले एक साल से नदारद
प्राथमिक शाला कारीमाटी में कक्षा पहली से पांचवीं तक कुल 16 बच्चे अध्ययनरत हैँ। इनके लिए यहां दो सहायक शिक्षकों की पदस्थापना है। प्रधान पाठक का प्रभार देख रहे रामनारायण के अलावा यहां पदस्थ दूसरा शिक्षक पिछले एक साल से स्कूल नहीं आया और विभाग या उच्चाधिकारियों को बिना कोई उचित कारण बताए व सूचना दिए नदारद चल रहा है। बच्चों को देश का भविष्य कहा जाता है, जिनकी नींव मजबूत करने का दायित्व शिक्षक पर होता है। पर ऐसे शिक्षक उनके भविष्य से खिलवाड़ करने में कोई कसर नही छोड़ रहे हैं। ऐसे में शिक्षा स्तर क्या होगा समझा जा सकता है।
जानकारी मिलने पर जांच की गई। निश्चित तौर पर यह हमारे विकासखंड के लिए लज्जाजनक मामला है, जिसे किसी भी तरह से बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। सहायक शिक्षक रामनारायण प्रधान के निलंबन का प्रस्ताव रखते हुए जांच रिपोर्ट मुख्यालय को सौंप दी गई है। प्राथमिक स्कूल कारीमाटी में प्रधान के अलावा एक और शिक्षक भी पदस्थ है पर वह भी पिछले एक साल से बिना किसी सूचना के नदारद है।
– एलएस जोगी, बीईओ, पोड़ी-उपरोड़ा
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