Local & National News in Hindi

योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल का आज विस्तार, राज्यपाल लखनऊ पहुंची; सात मंत्री लेंगे शपथ

22

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार का रविवार को मंत्रिमंडल विस्तार होगा। उत्तर प्रदेश सरकार की मंत्रिपरिषद का विस्तार का शपथ ग्रहण कार्यक्रम राजभवन के गांधी सभागार में शाम 05:30 बजे होगा। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के करीब दो बजे गुजरात से लखनऊ लौटने पर राजभवन ने इसकी सूचना जारी कर दी। इसके साथ ही राजभवन में मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी ने गति पकड़ ली।

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के राजभवन में होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार में सात मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी। इनके नाम लगभग फाइनल हैं। उत्तर प्रदेश में लम्बे समय से चल रही योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल के विस्तार की चर्चा पर आज विराम लगेगा। जून तथा जुलाई में चर्चा ने जोर पकड़ा तो अगस्त के अंतिम हफ्ते में तो मंत्रियो के नाम के साथ ही शपथ लेने की तारीख भी तय होने लगी थी।

मंत्रिमंडल विस्तार में एक ब्राह्मण जितिन प्रसाद के अलावा छह नेताओं को शपथ दिलाई जाएगी। इन छह में से एससी-ओबीसी ही मंत्री बन रहे हैं। योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल में जितिन जितिन प्रसाद को कैबिनेट मंत्री तथा छह को स्वतंत्र प्रभार तथा राज्य मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी। जितिन प्रसाद (ब्राह्मण) कैबिनेट मंत्री बनेंगे। संजय गोंड (अनुसूचित जनजाति), धर्मवीर प्रजापति (प्रजापति समाज), छत्रपाल गंगवार (कुर्मी), संगीता बलवंत बिंद (निषाद), पलटूराम (जाटव) और दिनेश खटीक (सोनकर) स्वतंत्र मंत्री या राज्य मंत्री बनेंगे।

जितिन प्रसाद: योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल में जिनको शामिल होना है, उनमें कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेने को तैयार जितिन प्रसाद उत्तर प्रदेश में अभी किसी भी सदन के सदस्य नहीं है। केन्द्र की मनमोहन सरकार में राज्य मंत्री रहे जितिन प्रसाद का रुहेलखंड में काफी प्रभाव है। जितिन प्रसाद कांग्रेस में बड़े कद के नेता थे। वह दो बार सांसद रहे। 2004 में शाहजहांपुर लोकसभा सीट से पहली बार सांसद बने। इसके बाद 2008 में केन्द्रीय इस्पात राज्य मंत्री बनाए गए। 2009 में परिसीमन के बाद धौरहरा से लड़े और दूसरी बार सांसद बने। वह सड़क परिवहन, पेट्रोलियम और मानव संसाधन विभाग में राज्यमंत्री रहें. 2014 व 2019 के लोकसभा चुनाव में धौरहरा से चुनाव हारे। इसके साथ 2017 के विधानसभा चुनाव में शाहजहांपुर की तिलहर विधानसभा सीट से चुनाव हारे। इनके पिता जितेन्द्र प्रसाद भी चार बार शाहजहांपुर के सांसद रहे। वह तो राजीव गांधी और पीवीनरसिम्हा राव के राजनितिक सलाहकार रहे हैं

धर्मवीर प्रजापति: आगरा के एमएलसी धर्मवीर प्रजापति का नाम भी मंत्रियों की सूची में है। वह उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य के साथ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं। वह भाजपा के महत्वपूर्ण दायित्व संभाल चुके हैं। धर्मवीर प्रजापति मूलरूप से हाथरस जिले के बहरदोई के रहने वाले हैं। उन्होंने आरएसएस के स्वयंसेवक के रूप में समाज के लिए सेवा के कार्य आरंभ किए। इसके बाद उन्होंने भाजपा से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। वर्ष 2002 मे पहली बार उन्हेंं प्रदेश का दायित्व मिला। तत्कालीन पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ में वह प्रदेश के महामंत्री बने। इसके बाद दो बार प्रदेश संगठन में मंत्री का दायित्व को भी संभाला।

संजय गोंड: संजीव सिंह गोंड उर्फ संजय गोंड सोनभद्र के ओबरा से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हैं। संजय गोंड अनुसूचित जनजाति से आते हैं। वह अपनी सादगी के लिए चॢचत हैं। गोंड जाति की सोनभद्र, मिर्जापुर व चंदौली समेत पूर्वांचल के कई जिलों में अच्छी संख्या है। गोंड़ जाति को साधने के लिए भाजपा उन्हेंं मंत्री बना रही है।

छत्रपाल गंगवार: बरेली के बहेड़ी से लगातार दूसरी बार विधायक बने छत्रपाल गंगवार को बरेली जिले का प्रतिनिधित्व देने के साथ पिछड़ा वर्ग के वोट को सहेजने के लिए मंत्री बनाया जा रहा है। सरकार बनने के बाद कैंट विधायक को वित्त मंत्री और आंवला विधायक धर्मपाल सिंह को सिंचाई मंत्री बनाकर जिले का कद मजबूत किया गया था। इसके बाद दोनों से इस्तीफा ले लिया गया था। छत्रपाल गंगवार पिछड़ा वर्ग से हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में उन्होंने लंबे समय तक काम किया था। इसके बाद भाजपा में आए। चुनाव में उन्होंने सपा प्रत्याशी अता उर रहमान को हराया था। छत्रपाल गंगवार को मंत्री बनाकर क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग को साधने का प्रयास होगा। बहेड़ी, नवाबगंज, भोजीपुरा और आंवला क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग से मंत्री बनाए जाने का सीधा प्रभाव माना जा रहा है। बहेड़ी का एक हिस्सा पीलीभीत संसदीय क्षेत्र में भी आता है

संगीता बिंद: संगीता बलवंत बिंद निषाद समुदाय से हैं। वह गाजीपुर सदर सीट से भाजपा की विधायक हैं। वह पिछड़ी जाति बिंद समाज से आती हैं। वह पहली बार विधायक चुनी गई हैं। संगीता छात्र राजनीति और पंचायत की राजनीति से सक्रिय राजनीति में आईं. संगीता युवा नेता हैं और करीब 42 वर्ष की हैं।

पलटू राम: योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल में शामिल होने जा रहे भाजपा विधायक पलटू राम बलरामपुर की सदर सुरक्षित सीट से जीते हैं। वह राजनीति के अलावा खेती भी करते हैं और सादगी से अपना जीवन गुजारते हैं। गोंडा जिले के परेड सरकार गांव में जन्मेंं विधायक पलटू राम ने अवध विश्वविद्यालय से एमए तक की शिक्षा प्राप्त की। राजनीति में रुझान होने के कारण छात्र जीवन से ही सामाज कार्यों में भागीदारी करते रहे। वह सन 2000 में सबसे पहले भदुआ तरहर क्षेत्र से सदस्य और जिला पंचायत के उपाध्यक्ष चुने गए। इसके 2007 के विधानसभा चुनाव में बसपा के टिकट पर वह मनकापुर सुरक्षित सीट से लड़े। उन्होंने 2015 में गिर्द गोंडा क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा। पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा व समर्पण को देखते हुए उन्हेंं 2017 के विधानसभा चुनाव में बलरामपुर सदर सीट से लडऩे का टिकट दिया गया। जहां उन्होंने जीत दर्ज की

दिनेश खटीक: मेरठ के हस्तिनापुर से भाजपा विधायक दिनेश खटीक को मंत्री बनाया जा रहा है। 44 वर्षीय विधायक दिनेश खटीक मवाना थाना क्षेत्र के कस्बा फलावदा के रहने वाले हैं। इन्होंने 2017 में पहली बार भाजपा की ओर से हस्तिनापुर विधानसभा से चुनाव लड़ा था। पहली ही बार में दिनेश खटीक ने बसपा प्रत्याशी योगेश वर्मा को पराजित कर जीत हासिल की। दिनेश खटीक शुरू से ही भाजपा में रहे हैं और संघ के कार्यकर्ता रहे हैं। इनके पिता भी संघ के कार्यकर्ता रहे हैं। भाई नितिन खटीक जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं। विधायक दिनेश खटीक का फलावदा में ईंट भट्टे का व्यवसाय है। वह मेरठ के गंगानगर में रहते हैं।

मनोनीत विधान परिषद सदस्यों के नाम पर भी लगेगी मुहर

मंत्रिमंडल में विस्तार को लेकर चल रहे कयास के कारण निषाद पार्टी के डॉ. संजय निषाद व उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्य भी शनिवार से ही लखनऊ में डटे हैं। अभी तक इनके नाम की कोई चर्चा भी नहीं है। माना जा रहा है कि इनको विधान परिषद सदस्य मनोनीत किया जाएगा। रविवार को राज्यपाल के लखनऊ आगमन के बाद मनोनीत विधान परिषद सदस्यों की सूची पर भी मुहर लगेगी। इसमें कांग्रेस से भाजपा में शामिल पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद, निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद व उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्या का नाम फाइनल है। चौथा नाम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अनुमोदन के बाद तय हो जाएगा।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

Please Pay your remaining balance to remove this banner !
इस बैनर को हटाने के लिए कृपया अपनी शेष राशि का भुगतान करें !