बिलासपुर। सिम्स की चिकित्सकीय व्यवस्था बदहाल हो चुकी है। एक साथ चार महत्वपूर्ण चिकित्सकीय मशीन खराब हैं। इससे मरीजों का उपचार प्रभावित हो रहा है। इसके बाद जिम्मेदार अधिकारी इस बिलकुल भी ध्यान नहीं दे रहे है। मौजूदा स्थिति में मैमोग्रामी, लिथोट्रिप्सी, एंडोस्कोपी और डेंटल एक्सरे मशीन देखरेख के अभाव में बंद पड़ गई है।
मैमोग्राफी मशीन का उपयोग महिलाओं के स्तन में गठान व स्तन कैंसर का पता लगाने के लिए किया जाता है। इस मशीन के बंद होने से सिम्स में महिलाओं के स्तन कैंसर की पहचान ही नहीं हो पा रही है। इसी तरह लिथोट्रिप्सी मशीन भी खराब चल रहा है। जिस मशीन के माध्यम से पथरी का इलाज किया जाता है। सर्जरी के दौरान इसी मशीन के माध्यम से पथरी को तोड़ा जाता है। इसी तरह डेंटल विभाग में डेंटल एक्सरे नहीं हो सक रहा है, क्योंकि यह मशीन भी पिछले कुछ दिनों से खराब चल रही है।
इसी तरत पेट का अल्सर जानने में उपयोग आने वाली एंडोस्कोपी मशीन भी खराब हो गई है। साफ है कि अधिकारी इस ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे सिम्स की चिकित्सकीय व्यवस्था बदहाल हो चुकी है। आलम यह है कि उपचार के लिए पहुंचने वाले हर मरीज को यहां पर किसी न किसी प्रकार से समस्याओं का सामना करना पड़ता है। खराब होने के बाद भी अब तक इन मशीनों को बनवाने के लिए इंजीनियरों तक से संपर्क नहीं किया गया है।
साफ है कि कोई भी अधिकारी इन मशीनों को बनवाने का पहल नहीं कर रहा है। इससे संभाग की सबसे बड़े अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था चरमरा गई है और रोजाना सैकड़ों लोग उपचार से वंचित हो रहे है।
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