रायपुर: बारिश से रायपुर जिले की कई सड़कें उधड़ गई हैं। तेलघानी नाका चौक की हालत खस्ता है। टिकरापारा चौक से लेकर पुराना धमतरी रोड पर घूल के गुबार उड़ रहे हैं। इसकी वजह से लोगों को काफी दिक्कत हो रही है। सड़कें खराब होने से आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। रायपुरवासी सड़क मरम्मत करने की मांग कर रहे हैं। सड़क मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा सर्वे का काम पूरा कर आठ करोड़ की लागत से मरम्मत करने के लिए ठेका एजेंसी को टेंडर जारी किया है
विभाग ने रायपुर सर्कल के चारो डिविजन में आठ एजेंसियों को मरम्मत करने जिम्मा सौंपा है। 15 अक्टूबर के बाद सड़क के मरम्मत का काम शुरू कर दिया जाएगा। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी का कहना है कि बारिश में सड़कें खराब हुई हैं, जल्द ही मरम्मत का कार्य शुरू किया जाएगा। ज्ञात हो कि रायपुर जिले की अधिकतर सड़कों की हालत काफी खस्ता हो चुकी हैं। कुछ सड़कों की बारिश से पूर्व मरम्मत कराई गई थीं, वह भी बारिश में उधड़ गई हैं।
टिकरापारा से धमतरी जाने वाला मार्ग पूरी तरह उधड़ा पड़ा है, सड़क पर जगह-जगह गहरे गडढे हो गए हैं। इन गडढों में बारिश में जलभराव होने पर अक्सर दोपहिया वाहन सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं। इस मार्ग से होकर रोजाना हजारों मुसाफिर गुजरते हैं। राजधानी में गौरवपथ, मोवा रोड और कैलाशपुरी बूढ़ातालाब की बजरी उखड़ गई है। वहीं, ग्रामीण अंचल की बात करें तो बारिश मे
इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि जर्जर सड़कों के कारण अधिकतर हादसे होते हैं। इनमें कई बार लोगों की जान तक चली जाती हैं। इसलिए विभाग को सड़क पर हुए गडढों को शीघ्र भरवाना चाहिए, जिससे हादसे न हों। लोगों ने शीघ्र सड़कों की मरम्मत कराने की मांग की है।
सड़क पर राहगीरों को परेशान
वहीं, शहर की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक तेलघानी नाका रोड पर भी जगह-जगह गड्ढे हादसों को न्योता दे रहे हैं। इसके अलावा गौरव पथ रोड की हालत तो ऐसी है कि आए दिन इस पर तेज रफ्तार दोपहिया वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं। बारिश के दिनों में काफी जलभराव भी होता है और इससे दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा समस्या होती है
फोर लेन की हालत भी खराब
सड़कों के मरम्मत की मांग कई बार लोगों ने प्रशासन से की है। प्रशासन के लगातार प्रयास के बाद भी विभाग संजीदा नहीं है। यहां तक कि छत्तीसगढ़ के सड़कों की बदहाल स्थिति को लेकर हाई कोर्ट में परिवाद भी दाखिल किया गया था। जिसकी सुनवाई के बाद कोर्ट ने भी मामले को गंभीर बताया है। इसका जीता जागता उदाहरण है कि रायपुर -बिलासपुर के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा फोर लेन व टू लेन का निर्माण कराया गया है। फोर लेन का निर्माण होने से पहले एनएचएआई ने जगह-जगह टोल प्लाजा लगाकर वसूली करना शुरू कर दिया जबकि साल भर के अंदर ही फोरलेन की हालत बदहाल हो गई है
केस
बारिश होते ही सड़कों की हालत खराब हो जाती है। इससे राहगीरों को काफी परेशानी होती है। पीडब्ल्यूडी और नगर निगम को इसको दुरुस्त करवाना चाहिए, लेकिन दोनों विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
– दुर्गेश जायसवाल, रायपुर
केस
रायपुर जिले के ग्रामीण अंचल की सड़कें बारिश में खराब हो गई है। सड़कों पर पैदल चलना दूभर हो गया है। अधिकारी सड़क की मरम्मत करना तो दूर झांकते तक नहीं।
– राजू शर्मा, सभापति जिला पंचायत रायपुर
केस
रायपुर जिले में सड़क बनाने के नाम पर खिलवाड़ हो रहा है। क्योंकि पहली ही बारिश में सड़कें उखड़ने लगती है। सड़कों पर पानी लग रहा है। विभाग को इसे बेहतर करना चाहिए जिससे राहगीरों को दिक्कत न हो।
– अमित कुमार, रायपुर
वर्जन
बारिश में सड़कें खराब हुई है। सड़कों की मरम्मत के लिए आठ करोड़ का टेंडर जारी किया गया है। 15 अक्टूबर के बाद सड़कों के मरम्मत का काम शुरू कर दिया जाएगा।
– वीएस कोर्राम, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग, रायपुर
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