बता दें कि, गोविंदाचार्य ने याचिका में कहा कि यह मामला राष्ट्रीय महत्व का है। याचिकाकर्ता समेत करोड़ों लोग इस सुनवाई का हिस्सा बनना चाहते हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के मौजूद नियमों के तहत ऐसा संभव नहीं है। राम मंदिर मुद्दे पर लोग जल्द न्याय चाहते हैं। पिछले 9 सालों से यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है और बड़े पैमाने पर लोग देरी के कारणों को जानना चाहते हैं।
गोविंदाचार्य ने कहा कि भारत डिजिटल सुपर पावर है। ऐसी स्थिति में वह अयोध्या मामले की सुनवाई का सजीव प्रसारण करने की व्यवस्था कर सकता है।