आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू ने माना कि भाजपा नीत सरकार से अलग होकर उनकी पार्टी को नुक्सान हुआ है। नायडू ने एक सार्वजनिक रैली में स्वीकार किया कि उन्हे एनडीए से अलग होने के फैसले पर खेद है।
नायडू ने स्वीकार किया कि मई 2018 में मोदी सरकार से अलग होने के उनके फैसले के बाद विधानसभा और लोकसभा में तेदेपा को झटका लगा है। बताया जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री ने कई बैठकों में तेलगांना चुनाव में कांग्रेस के साथ हाथ मिलाने पर खेद व्यक्त किेया है। इन चुनावो में तेलंगाना राष्ट्र समिती के हाथों कांग्रेस और तेदेपा को कड़ी हार का सामना करना पड़ा।
टीडीपी प्रमुख ने कहा कि आंध्र पद्रेश को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने और अमरावती को राजधानी बनाने की मांगों को लेकर दबाव डालने के मुद्दे पर केंद्र कैबिनेट से अपने मंत्रियों को वापस बुलाने और सरकार से अलग होने का फैसला खतरनाक साबित हुआ।