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अयोध्या केस Live: सभी जजों ने किए दस्तखत, CJI ने फैसला पढऩा शुरू किया

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  • फैसले की कॉपी पर जजों ने किए दस्तखत, CJI गोगोई ने फैसला पढ़ना किया शुरू
  • चीफ जस्टिस ने शिया वक्फ बोर्डए और निर्मोही अखाड़े की याचिका की खारिज
  • सुप्रीम कोर्ट ने कहा, राम जन्‍मभूमि कानूनी व्‍यक्ति नहीं
  • सुप्रीम कोर्ट ने कहा, मस्जिद कब बनी साफ नहीं
  •  चीफ जस्टिस ने कहा, एएसआई ने मंदिर होने के सबूत पेश किए हैं
  • हर किसी को नहीं मिलेगी आज सुप्रीम कोर्ट में एंट्री।

नई दिल्ली: अयोध्या में विवादित जमीन पर मालिकाना हक संबंधी मुकदमे पर सीजेआई रंजन गोगोई ने फैसला पढ़ना शुरू कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या विवाद के दोनों ही मामलों में 5 जजों की बेंच ने एकमत फैसला लिया है। फैसला क्या है, इसका ऐलान बस कुछ ही मिनटों में होगा लेकिन फैसला पढ़ रहे चीफ जस्टिस ने कहा कि कोर्ट को देखना है कि एक व्यक्ति की आस्था दूसरे का अधिकार न छीने। नमाज पढ़ने की जगह को हम मस्जिद मानने से इनकार नही कर सकते।

अयोध्या जमीन विवाद में मामले की सुनवाई करने वाली संवैधानिक बेंच में सीजेआई रंजन गोगोई के अलावा 4 अन्य जज हैं- जस्टिस शरद अरविंद बोबडे, जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ और जस्टिस एस. अब्दुल नजीर हैं। चीफ जस्टिस ने कहा कि खुदाई के बाद ASI के दावे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट इसे सबूत के दौर पर देख रहा है। खुदाई में मिली कलाकृतियां इस्लामिक नहीं थीं। बाबरी मस्जिद को मीर बाक़ी ने बनवाया था। कोर्ट के लिए धर्मशास्त्र के क्षेत्र में आना अनुचित है।

अयोध्या छावनी में तब्दील 
रामजन्म भूमि बाबरी मस्जिद मामले में उच्चतम न्यायालय के ऐतिहासिक फैसले से पहले राम की नगरी अयोध्या छावनी में बदल गई है। जमीन से आसमान तक पुलिस निगरानी की व्यवस्था की गयी है। शहर के हर चौराहे पर सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं। आसमान से ड्रोन कैमरे चप्पे-चप्पे पर नजर रखे हुए हैं।

रामलला के  पास ‘यलो जोन’ बना, दर्शन होंगे 
अयोध्या की सुरक्षा के प्रभारी एडीजी अभियोजन आशुतोष पांडेय ने एक न्यूज एजैंसी से फोन पर विशेष बातचीत में बताया कि अयोध्या में सुरक्षा के लिये 60 कंपनी पीएसी और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं। इसमें 15 कंपनी पीएसी, 15 कंपनी सीआरपीएफ और 10 कंपनी आरएएफ हाल में अयोध्या आयी है जबकि 20 कंपनी पीएसी पहले से ही यहां तैनात थी। इसके अलावा दूसरे जनपदों से आये सुरक्षार्किमयों में 1500 सिपाही, 250 सब इंस्पेक्टर, 150 इंस्पेक्टर, 20 डिप्टी एसपी, 11 एडिशनल एसपी तथा दो एसपी तैनात किये गये हैं। इसके अलावा अयोध्या के विभिन्न थानों में तैनात सुरक्षा बल तो पहले से ही यहां पर है। इसके साथ ही आसमान से निगरानी के लिये कैमरे युक्त 10 ड्रोन तैनात किए गए हैं। शहर के सभी 30 चौराहों पर सीसीटीवी लगाये गये हैं। इनकी निगरानी के लिए चौबीसों घंटे काम करने वाला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। इसके अलावा प्रदेश सरकार ने एक हेलीकॉप्टर भी अगले आदेश तक अयोध्या में रखने के निर्देश दिये हैं, ताकि आपात स्थिति में उसकी सेवा ली जा सके।

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पैरामिलिट्री की 40 कंपनियां
प्रदेश में वाराणसी, कानपुर, अलीगढ़, लखनऊ, आजमगढ़ जैसे 12 जिलों को अति संवेदनशील घोषित किया गया है।  यहां कुल 40 कंपनियों को तैनात किया जाएगा। इसके साथ ही, अयोध्या प्रशासन ने सुरक्षाबलों की 100 कंपनियों की अतिरिक्त डिमांड की है।

हर जिले में विशेष कंट्रोल रूम 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलों के साथ प्रदेश स्तर पर एक कंट्रोल रूम स्थापित किए जाने की बात कही है। ये कंट्रोम रूम 24 घंटे काम करेंगे। गुरुवार रात समीक्षा बैठक करते हुए सीएम ने कहा था कि शरारती तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अयोध्या और लखनऊ जिले के लिए एक-एक हेलीकॉप्टर की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए हैं।

किसी की हार या जीत नहीं होगा अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला पीएम मोदी ने की अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या मामले पर फैसला आने के मद्देनजर लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। पीएम मोदी ने ट्वीट किया अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला आएगा, वो किसी की हार-जीत नहीं होगा। देशवासियों से मेरी अपील है कि हम सब की यह प्राथमिकता रहे कि ये फैसला भारत की शांति, एकता और सद्भावना की महान परंपरा को और बल दे।

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