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गिग वर्कर्स को लेकर केंद्र सरकार ने उठाए ये कदम, राघव चड्ढा ने जमकर की तारीफ

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देशभर में पिछले कई दिनों से गिग वर्कर्स खासे चर्चा में हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि पहले ये 31 दिसंबर की शाम से हड़ताल पर जाने वाले थेहालांकि इनकी मांगों को कंपनियों ने मान लिया. यही वजह है कि ये हड़ताल पर नहीं गए. अब केंद्र सरकार ने भी गिर्ग वर्कर्स के लिएड्राफ्ट सामाजिक सुरक्षा नियम जारी किए हैं. राघव चड्ढा ने इसे गिग वर्कर्स के काम को ‘मान्यता, सुरक्षा और सम्मान’ देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है.

राघव चड्डा ने नए लेबर कोड के तहत गिग वर्कर्स के लिए ड्राफ्ट सोशल सिक्योरिटी नियम जारी करने के लिए केंद्र सरकार की तारीफ की. उन्होंने कहा कि यह उनकी कड़ी मेहनत को “मान्यता, सुरक्षा और सम्मान” देने की दिशा में पहला कदम है.

श्रम और रोजगार मंत्रालय ने इस हफ्ते की शुरुआत में कथित तौर पर कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी (सेंट्रल) रूल्स, 2025 नाम से ड्राफ्ट नियम जारी किए, जिसमें गिग वर्कर्स को विभिन्न सोशल सिक्योरिटी लाभों और सुरक्षा उपायों के लिए योग्य होने के मानदंडों के बारे में बताया गया है.

राघव चड्डा ने गिग वर्कर्स को लेकर क्या कहा?

राज्यसभा सांसद राघव चड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि सभी गिग वर्कर्स और डिलीवरी पार्टनर्स को बधाई. आपके लिए अच्छी खबर है. केंद्र सरकार के ड्राफ्ट सोशल सिक्योरिटी नियम आपके काम को मान्यता, सुरक्षा और सम्मान देने की दिशा में पहला कदम हैं. भले ही प्लेटफॉर्म (Zomato, Swiggy, Blinkit, आदि) ने आपकी बात नहीं सुनी, लेकिन इस देश के लोगों और सरकार ने सुनी. यह एक छोटी जीत है, लेकिन एक महत्वपूर्ण जीत है.

राघव चड्ढा लंबे समय से गिग वर्कर्स के अधिकारों के लिए बोलते रहे हैंयहां तक ​​कि कई बार संसद में भी इस बारे में उन्होंने बात की है. उन्होंने पर पोस्ट किए गए वीडियो में कहा, “ये ड्राफ्ट नियम सिर्फ इसलिए नहीं बनाए गए कि मैंने संसद में यह मुद्दा उठाया, बल्कि यह इसलिए हुआ क्योंकि आप सभी ने भी अपनी आवाज उठाई. कंपनियों और प्लेटफॉर्म ने आपकी बात नहीं सुनी, लेकिन सरकार ने सुनी, जिसका स्वागत किया जाना चाहिए.

संसद में रखी थी राघव ने बात

चड्ढा ने कहा कि नए नियमों के तहत, गिग वर्कर्स को कानूनी रूप से मान्यता दी जाएगी और उन्हें एक यूनिक पहचान दी जाएगी. हाल ही में संसद सत्र में, AAP राज्यसभा सदस्य ने भारत के गिग वर्कर्स के “दर्द और दुख” के बारे में बात की थी. जो बहुत ज़्यादा दबाव में और कभी-कभी खराब मौसम की स्थिति में काम करते हैं.

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