Local & National News in Hindi

भोजशाला विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट! हिंदू पक्ष की बड़ी मांग- ‘जुम्मे की नमाज पर लगे तुरंत रोक’, क्या बदलेगा वर्षों पुराना नियम?

24

मध्य प्रदेश के धार में स्थित भोजशाला माता वाग्देवी मंदिर को लेकर एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में टकराव की स्थिति बन गई है. वसंत पंचमी पर पूजा-अर्चना के अधिकार को लेकर सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दाखिल की गई है. इस बार विवाद और संवेदनशील हो गया है क्योंकि वसंत पंचमी शुक्रवार के दिन पड़ रही है. ऐसे में वर्षों पुराने धार्मिक आयोजन और 2003 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा जारी आदेश आमने-सामने खड़े नजर आ रहे हैं.

इसी आशंका के चलते मामले को सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के लिए प्रस्तुत किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की सांप्रदायिक स्थिति से पहले संवैधानिक समाधान निकल सके.

नमाज पर रोक लगाने की मांग

दरअसल हिंदू पक्ष सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है और 23 जनवरी को मुस्लिमों की नमाज पर रोक लगाने की मांग की है. साथ ही बसंत पंचमी पर सिर्फ हिंदुओं को सरस्वती पूजा की इजाजत मांगी है. वहीं इस दिन ASI और सरकार को कड़ी सुरक्षा देने के निर्देश की भी मांग की गई है. हिंदू पक्ष ने अपील की है कि सुप्रीम कोर्ट जल्द से जल्द इन मामलों पर सुनवाई करे.

हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने दाखिल की याचिका

बता दें कि ये याचिका हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से वकील विष्णु शंकर जैन ने दाखिल की है. याचिका में कहा गया है कि भोजशाला परिसर में मां वाग्देवी यानी सरस्वती का मंदिर है जो 11वीं सदी में परमार राजा ने बनवाया था. यहां पर हिंदू पूजा करते थे लेकिन 7 अप्रैल 2003 में ASI ने एक आदेश जारी किया.

बसंत पंचमी को पूजा की इजाजत

इसके तहत हिंदुओं को हर मंगलवार और बसंत पंचमी को पूजा की इजाजत दी गई. जबकि मुसलमानों को हर शुक्रवार को दोपहर 1-3 नमाज़ अता करने की इजाजत दी गई. अर्जी में कहा गया है कि ASI का आदेश ऐसे हालात पर मौन है कि अगर बसंत पंचमी शुक्रवार को हो तो क्या होगा? इस बार 23 जनवरी को बसंत पंचमी के दिन शुक्रवार ही है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.