एक फरवरी से देश भर में सिनेमाघरों को कोविड-19 के सुरक्षा नियमों का पालन करने के साथ शत-प्रतिशत दर्शक क्षमता के साथ परिचालन की अनुमति मिल गई है। यानी कि करीब 9 महीने बाद देशभर में सिनेमाघर 100 प्रतिशत कैपिसिटी के साथ खोले जा सकेंगे। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने मानक संचालन प्रक्रियाओं को जारी करते कहा कि टिकटों की डिजिटल बुकिंग और अलग-अलग समय पर शो को बढ़ावा दिया जाएगा।
कोविड प्रोटोकॉल का करना होगा पालन: प्रसारण मंत्री
जावडेकर ने संवाददाताओं से कहा कि एक अच्छी खबर है। फरवरी में लोग सिनेमाघरों में फिल्में देख सकते हैं और उनका आनंद ले सकते हैं क्योंकि हम सिनेमाघरों में शत-प्रतिशत क्षमता के साथ दर्शकों के आने की अनुमति दे रहे हैं। सिनेमाघर अब शत-प्रतिशत दर्शक क्षमता के साथ खुल सकते हैं। हम टिकटों की यथासंभव ऑनलाइन बुकिंग को प्रोत्साहन देते हैं।” मंत्री ने कहा कि शो के अलग-अलग समय को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि दर्शकों के आने -जाने का बेहतर प्रबंधन किया जा सके। स्वच्छता एवं कोविड-19 संबंधी सभी सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन किया जाना जरूरी है।
इन नियमों का करना होगा पालन
- मंत्रालय द्वारा जारी एसओपी के अनुसार आम क्षेत्रों में कम से कम 6 फीट की दूरी बनाए रखना अनिवार्य होगा।
- सिनेमाहॉल के प्रवेश करने वाले और बाहर निकालने वाले हर द्वार पर लोगों के लिए सैनेटाइजर की व्यवस्था अनिवार्य है।
- सिनेमा हॉल में थूकना वर्जित होगा।
- सिनेमाघरों में आने वाले लोगों के लिए मोबाइल में आरोग्य सेतु ऐप का होना अनिवार्य होगा।
- इसके अलावा पार्किंग लॉट्स और सिनेमा हॉल के आसपास भीड़ पर नियंत्रण करने के आदेश भी दिए गए है ।
मार्च में बंद हुए थे सिनेमाघर
बता दें कि साल 2020 मार्च में देश में कोरोना महामारी की शुरुआत के साथ ही सिनेमाहॉल, थिएटर और मल्टीप्लेक्स बंद कर दिए गए थे। कुछ दिन पहले ही गृह मंत्रालय ने सिनेमाघरों एवं थियेटरों को एक फरवरी से कोविड-19 के नये नियमों का पालन करते हुए अधिक लोगों के साथ परिचालन की अनुमति दी थी। लॉकडाउन के बाद केंद्र ने 15 अक्टूबर, 2020 से दिल्ली समेत सात क्षेत्रों में तथा मध्य प्रदेश एवं गुजरात के कई हिस्सों में सिनेमाघरों एवं मल्टीप्लेक्स को 50 फीसदी दर्शक क्षमता के साथ परिचालन की अनुमति दी थी और साथ ही ‘क्या करें’ और ‘क्या नहीं करें’ की सूची जारी की थी। इसके बावजूद भी सिनेमा हॉल खाली पड़े थे। दरअसल दो दर्शकों के बीच एक कुर्सी खाली रखने की अनियवार्यता की गई थी। सिनेमा हॉल के पूरी क्षमता से नहीं खुलने के कारण फिल्म निर्माता फिल्मों को रीलीज करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।
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