बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के निर्देश पर नगर निगम व लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने अब जाकर सड़कों को दुस्र्स्त करन का काम शुरू किया है। निगम के कब्जे वाली 119 ऐसी सड़कें हैं जिनको दुस्र्स्त करने के अलावा रिपेयरिंग भी करनी होगी। लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 27 सड़कें हैं जिनका दुस्र्स्त करना जस्र्री है। इन सड़कों पर शहरवासी रोज आना जाना कर रहे हैं। जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान न्यायमित्र प्रतीक शर्मा ने प्रकाशित खबर को डिवीजन बेंच के समक्ष पेश किया था।
इसमें अशोक नगर की युवती की गड्ढे में गिरने के कारण हाथ फ्रैक्चर हो गया है। इसे डिवीजन बेंच ने गंभीरता से लेते हुए नगर निगम के आयुक्त को नोटिस जारी कर गड्ढों को तत्काल भरने का निर्देश दिया था। हाई कोर्ट के निर्देश का असर ये हुआ कि नगर निगम ने अशोक नगर सड़क की गड्ढों को भरने का काम पूरा कर लिया है। अशोक नगर के अलावा निगम सीमा के भीतर 119 ऐसी सड़कें है जिसको दुस्र्स्त करना जस्र्री है।
लोक निर्माण विभाग की 77.53 किलोमीटर सड़क है खराब
लोक निर्माण विभागके अंतर्गत शहर के भीतर 77.53 किलोमीटर सड़क है। अधिकांश सड़कों की हालत बेहद खराब है। लोक निर्माण विभाग ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में शपथ पत्र पेश कर 29 सड़कों की सूची जारी की है जिसे बनाने की जस्र्रत बताई है। लोक निर्माण विभाग ने इसके लिए 94.28 लाख स्र्पये का बजट पेश किया है। इतनी राशि खर्च करने के बाद सड़कें दुस्र्स्त हो पाएंगी।
निगम के कब्जे वाली 51.59 किलोमीटर सड़क बदहाल
नगर निगम के कब्जे वाली शहरी सीमा के भीतर 51.59 किलोमीटर सड़क खराब है। खराब सड़कांे के अलावा 119 सड़कों को बनाने के लिए निगम ने 534.33 लाख स्र्पये का अनुमानित बजट पेश किया है।
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