लड़की ने कहा, विधायक ने नहीं किया अपहरण

कांग्रेस विधायक द्वारा लड़की को भगाने के मामले में यू टर्न आ गया। शुक्रवार की शाम बिक्रम से कांग्रेस विधायक सिद्धार्थ सिंह, उनका करीबी पंकज शर्मा और लड़की सबके सामने आ गए। तीनों एसएसपी मनु महाराज के आवास पर पहुंचे। वहां से सभी को सचिवालय थाने ले आया गया। लड़की ने पुलिस से कहा कि उसके अपहरण की बात  गलत है। पूरे प्रकरण में विधायक का कहीं से कोई हाथ नहीं।

एसएसपी ने तीनों से लंबी पूछताछ की। फिलहाल पंकज और लड़की को मसौढ़ी थाने में रखा गया है। शनिवार को कोर्ट में बयान दर्ज करवाने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी जबकि विधायक को पुलिस ने जाने दिया।

बनारस में कर ली शादी
पंकज के मुताबिक वह पिछले दो सालों से लड़की को जानता है। गुरुवार को वह उसे लेकर बनारस चला गया। वहां यमुनेश्वर आश्रम ट्रस्ट, राजघाट में स्थित रविदास मंदिर में दोनों ने शादी कर ली। इधर, पंकज ने यह भी बताया है कि वह विधायक के साथ रहता है, उनका चालक नहीं है। जबकि युवती के परिजनों का कहना है कि पंकज विधायक का चालक है।

विधायक को सुबह दस बजे हुई जानकारी
कांग्रेस विधायक के मुताबिक उन्हें गुरुवार की सुबह दस बजे अपहरण प्रकरण की जानकारी हुई थी। इसके बाद वे अपने क्षेत्र में स्थित एक कार्यक्रम में भी गए। उन्होंने पंकज से संपर्क कर उसे वापस लौटने की बात कही। इसके बाद विधायक दोनों को लेकर एसएसपी के आवास पहुंचे।

इधर, लड़की ने पिता पर लगाया आरोप
लड़की ने पुलिस के सामने कहा है कि उसके पिता ज्यादा उम्र के व्यक्ति से उसकी शादी करवाना चाहते थे। परिवार वाले अक्सर उसके साथ मारपीट भी किया करते थे। बहन भी प्रताड़ित करती थी।

पहले से शादीशुदा है पंकज
बिहटा के सकसोहरा का रहनेवाला पंकज पहले से शादीशुदा है। उसे बच्चे भी हैं। बावजूद उसने दूसरी शादी कर ली। खबर यह भी है कि लड़की को भगाने की सूचना मिलने के बाद पंकज के ससुरालवालों ने उसके घर पहुंचकर हंगामा किया।

लड़की को आशीर्वाद देकर नम हुई डॉक्टर की आंखें: इस हाईप्रोफाइल मामले के बीच विधायक सिद्धार्थ के पिता डॉ उत्पलकांत सचिवालय थाने पहुंच गए। उन्होंने लड़की को देखते ही उसे आशीर्वाद दिया और देखते ही देखते उनकी आंखे नम हो गयीं।

पूरे प्रकरण पर एक नजर
कांग्रेस विधायक और उनके एक करीबी पर लड़की के घरवालों ने अपहरण करने की एफआईआर मसौढ़ी थाने में दर्ज करवायी। आरोप था कि गुरुवार की सुबह सवा नौ बजे विधायक अपने करीबियों के साथ घर पर आए। उनका एक आदमी लड़की के घर में अगुआ बनकर घुसा और चालाकी से उसे उठा ले गया।

युवती के पिता ने कहा कि फंसने के डर से विधायक रच रहे हैं नया ड्रामा
इधर, युवती के पिता ने विधायक के सामने आने और नया प्रकरण बताने को झूठा और सोची-समझी साजिश करार दिया है। युवती के पिता ने शुक्रवार की शाम एक बार फिर दावा किया कि विधायक सिद्धार्थ शर्मा ने मुझे 24 जनवरी को पटना में बुलाकर जान मारने की धमकी दी थी। विधायक ने ही मेरी पुत्री को नौबतपुर स्थित फरीदपुर गांव स्थित उसके ननिहाल से भगाकर कंकड़बाग स्थित पार्वती गल्र्स हॉस्टल में छु़पाकर रखा था, जहां से मैं अपनी बेटी को छुड़ाकर घर लाया था। और दो दिन बाद ही पुन: विधायक अपहरण कर ले भागे।

डॉ. उत्पलकांत आए थे मसौढ़ी
पिता ने यह भी बताया कि विधायक के पिता डॉ उत्पलकांत, मां और पत्नी गुरुवार की रात मसौढ़ी स्थित उनके घर पर आए थे और पुत्री को एक दिन के अंदर मुझे सौंपने का वादा किया था। लेकिन साजिश के तहत मनगढंत कहानी बनाकर खुद को बचने के लिए अपने चालक पंकज से शादी का ड्रामा रच रहे हैं।mla-29-01-2016-1454080476_storyimage

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *