मधुबन बनेगा मांस-मदिरा वर्जित क्षेत्र |

गिरिडीह : मधुबन का कल्याण निकेतन परिसर सोमवार को सूबे के मुखिया के स्वागत के लिए सजधज कर तैयार था। पूर्वाह्न 11 बजे सीएम का हेलिकाप्टर सीआरपीएफ कैंप के हेलिपैड पर उतरा। गार्ड ऑफ ऑनर लेने के बाद सीएम सीधे सभागार गए जहां तकरीबन एक घंटे तक पारसनाथ एक्शन प्लान की समीक्षा कर बाहर निकले। परिसर में बने पंडाल में मधुबन सहित पीरटांड़ की विभिन्न पंचायतों से आए लोग उनका इंतजार कर रहे थे। सीएम ने भी बिना औपचारिकता के सीधे माइक थाम लिया और दार्शनिक अंदाज में लगे लोगों को समझाने। इस दौरान उन्होंने कई बड़ी घोषणा भी की। सीएम रघुवर दास ने कहा कि उनकी सरकार जनता की सरकार है। पूर्व में योजनाएं रांची में बनती थी, अब यह अधिकार गांव के जरूरतमंद लोगों को दिया गया है। राजधानी सिर्फ योजनाओं की स्वीकृति देगी। उन्होंने कहा कि मधुबन अंतरराष्ट्रीय स्तर का तीर्थ क्षेत्र है, यहां मांस-मदिरा का प्रचलन सभ्यता और संस्कृति के खिलाफ है। उन्होंने झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन के शाकाहारी होने और मदिरा को कभी हाथ नहीं लगाने का उदाहरण देते हुए खासकर आदिवासी समुदाय से सहयोग की अपील की। लोगों ने हाथ उठाकर सीएम के आह्वान का स्वागत किया

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