प्रेसिडेंट रहते पहली बार US की मस्जिद में ओबामा, बोले- मुस्लिमों की फिक्र है

मस्जिद पहुंचकर सबसे पहले ओबामा ने क्या किया…
– बाल्टीमोर की इस्लामिक सोसाइटी मस्जिद पहुंचने पर अंदर जाने से पहले ओबामा ने जूते उतारे। इसके बाद वह कैम्पस के बाहरी हिस्से में कुछ देर रुके।
– बता दें कि ओबामा को राष्ट्रपति बने आठ साल हो चुके हैं, लेकिन यह पहला मौका है, जब वह अमेरिका की किसी मस्जिद में गए हों। इसे सियासी नजर से भी देखा जा रहा है।
स्पीच में क्या कहा ओबामा ने?
– अमेरिका ने रिलिजियस फ्रीडम है। लेकिन यह बात भी सही है कि फिलहाल देश में मुस्लिमों को लेकर कुछ चिंता और डर है। हम अमेरिका में सभी मजहबों को मानने वालों लोगों की सिक्युरिटी के लिए कमिटेड हैं।
– अगर एक मजहब को मानने वाले लोगों की आस्था पर हमला होता है, तो यह सभी मजहबों और आस्थाओं पर हमला है।
– ओबामा ने स्पीच में कुरान की सीखों का भी जिक्र किया।
– टेररिज्म से निपटने का सबसे अच्छा तरीका है कि अमेरिका दिखा दे कि वह इस्लाम को दबाता नहीं है। वह इस्लाम के खिलाफ फैलाए जा रहे झूठ को नकार देता है।
– मुस्लिम कम्युनिटी को कट्टरवाद और टेररिज्म के खिलाफ खड़ा हो जाना चाहिए।
ओबामा की इस विजिट के मायने क्या?
– हाल के दिनों में रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से प्रेसिडेंशियल कैंडिडेट की रेस में आगे रहे डोनाल्ड ट्रम्प ने मुसलमानों के खिलाफ भड़काऊ बयान दिए हैं।
– जानकार मानते हैं कि ट्रम्प के बयानों से अमेरिकी मुसलमानों में डर बैठ गया है। यहां के मुसलमान खुद को अनसेफ मानने लगे हैं।
– ओबामा की कोशिश यह है कि ट्रम्प की क्रिश्चयन्स वोट को एकजुट करने की चाल को नाकाम किया जाए।
विजिट का प्रसिडेंशियल इलेक्शन पर क्या होगा असर
– ओबामा के मस्जिद जाने से हेलेरी क्लिंटन सहित अन्य डेमोक्रेट कैंडिडेट्स को फायदा होने की उम्मीद।
– लिबरल ईसाई वोटर भी डेमोक्रेट कैंडिडेट्स की तरफ आने की उम्मीद।
– अगस्त 2015 में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले दस सालों में यूएसए में मुस्लिम पॉपुलेशन डबल हो गई है।
– 32 करोड़ से ज्यादा पॉपुलेशन वाले इस देश में 0.9% मुस्लिम हैं।
– सबसे ज्यादा पॉपुलेशन क्रिचियन(70.6%) और किसी भी धर्म को नहीं मानने वालों(22.8%) की हैं। इसके बाद मुस्लिम कम्युनिटी के लोगों का नंबर आता है।
फिर ओबामा ने क्यों नहीं किया ट्रम्प का जिक्र
– ओबामा सियासी फायदा-नुकसान देख रहे हैं। नवंबर में राष्ट्रपति चुनाव है। ट्रम्प की पार्टी ओबामा पर लगातार निशाना साध रही है।
– ट्रम्प ने हाल ही में कहा था कि ओबामा ने अमेरिका की ताकत को कमजोर किया है। आतंकवाद को लेकर सख्ती नहीं दिखाई।
– ओबामा ने ट्रम्प का जिक्र इसलिए नहीं किया, क्योंकि हो सकता है कि इससे कट्टरपंथी क्रिश्चियन्स उनसे नाराज हो जाएं। ओबामा की डेमोक्रेटिक पार्टी को इससे नुकसान हो सकता है।

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