बिलासपुर । सेमरताल बचत बैंक के साखा प्रबंधक को जेल अन्य पर जांच के बाद होगी कार्यवाही ।

मुकेश तिवारी 09770767103 @सुनामी न्यूज़ टीवी बिलासपुर ।
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित के अंतर्गत संचालित बचत बैंक में हितग्राहियों की राशि में हेराफेरीकरने के आरोपी ब्रांच मैनेजर को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया है। वहीं प्रकरण के अन्य आरोपी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व सरकंडाके ब्रांच मैनेजर सहित अन्य के खिलाफ सबूत जुटा रही है।जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अधीन संचालित बचत बैंक के आडिट मेंहितग्राहियों ने हेराफेरी करने की शिकायत की थी। अनियमितता उजागरहोने के बाद पीड़ित हितग्राहियों के साथ ही समिति के अध्यक्ष व सदस्यों ने भी ब्रांच मैनेजर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। दरअसल, बचत बैंक के सेमरताल सहित आसपास के आधा दर्जन गांव के हितग्राही थे, जो वर्ष 2012 के पहले से बैंक में राशि जमा कर रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से हितग्राही रकम निकलवाने के लिए लगातार बैंक का चक्कर लगाते रहे। तब उन्हें बताया गया कि बैंक में राशि नहीं है। लिहाजा, उन्हें रकम नहीं दी जा सकती। बैंक प्रबंधन के जवाब सुनकर हितग्राही हैरत में पड़ गए। धीरे-धीरे कर यह मामला उजागर हुआ। फिर एकजुट हितग्राहियों ने इस मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर कमिश्नर व कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसके साथ ही नेहरू चौक में धरना-प्रदर्शन किया गया था। धरना-प्रदर्शन के दौरान अफसरों ने बैंकों में हुई गड़बड़ी की जांच के लिए ऑडिट कराने का आश्वासन दिया है। कलेक्टर ने निर्देश पर ऑडिट शुरू हो गया है। लिहाजा, बैंक में हुई गड़बड़ी सामने आने लगी है। प्रारंभिक जांच में अनियमितता उजागर होने के बाद पुलिस ने तत्कालीन ब्रांच मैनेजर बलदेव प्रसाद धीवर को पकड़ लिया। पुलिस नेउसे तीन दिन तक हिरासत में लेकर पूछताछ की। इस दौरान उसके खिलाफ साक्ष्य व सबूत जुटाए गए। बुधवार को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।पुलिस ने इस मामले में अध्यक्ष मनींद्र सिंह, उपाध्यक्ष राजकुमारसाहू, सरकंडा के ब्रांच मैनेजर सीताराम साहू, रिटायर्ड सुपरवाइजरनारायण प्रसाद पाठक व महिला कर्मी नीलू साहू के खिलाफ धारा 409, 406, 408, 120बी के तहत अपराध दर्ज किया है।लेकिन, उनकी गिरफ्तारी नहीं की गई है।
जब इस मामले सुनामी न्यूज़ टीवी ने  कोनी थाना प्रभारी डी दीवान से बात की गयी तो इन्होने बताया
कि इस गंभीर मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के पहले साक्ष्य जुटाना आवश्यक है। लिहाजा, प्रकरण की जांच के बाद ही उनकी गिरफ्तारी की जाएगी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *