Sunami News_गरियाबंद जिले के वन विभाग प्रभारियों के भरोसे ।

गरियाबंद जिले के वन विभाग प्रभारियों के भरोसे । सात डिप्टरेंजर दो साल से प्रभारी रेंजर बने हुए हैं।

छुरा। गरियाबंद जिले का वन विभाग का पूरा अमला प्रभारियों के भरोसे चल रहा है आज दो साल से जिले के वन विभाग प्रभारियों के साहरे चल रहा है गरियाबंद वन मंण्डलाधिकारी के पद पर सह प्रभारी वन मंण्डलाधिकारी राजेश पाण्डेय जमे हुए हैं राजेश पाण्डेय का मूल पद वन संरक्षक है लेकिन सह प्रभारी वन मंण्डलाधिकारी बने बैठे हुए हैं, जब जिले के आला अफसर सह प्रभारी है उनके मातहत कार्यालय में भी बुरा हाल है जिले के गरियाबंद उत्पादन कार्यालय ,, धवलपुर उत्पादन,, दक्षिण उंदती,, ईदांगाव (देवभोग) ,, फिगेश्वर वन परिक्षेत्र,, धवलपुर वन परिक्षेत्र,, नवागढ वन परिक्षेत्र कार्यालय में सालों से डिप्टरेंजर जो रेंजर के प्रभार में है। गरियाबंद जिले के वन विभाग के वन मंण्डलाधिकारी और वन परिक्षेत्र अधिकारी के पद पर कब तक प्रभारियों के भरोसे चलता रहेगा। भाजपा शासनकाल में नेताओं के चहते अधिकारी लल्लो – चप्पो कर प्रभार में बैठकर विभाग को चला रहे हैं। जिले के वन विभाग के विभिन्न वन परिक्षेत्र अधिकारी के मूल पद वाले रेंजर इन प्रभारियों की जगह कब तक पदस्थ होगें ? कांग्रेस शासनकाल में प्रभारियों से क्या गरियाबंद जिले को मुक्ति मिलेगी या भाजपा शासनकाल के नक्शे कदम पर चलेगी और प्रभारी अधिकारीयों का राज चलेगा ? पूरा वन विभाग में भ्रष्टाचार पग पग में नजर आती है , वन विभाग के भ्रष्टाचार की शिकायत करने के बाद भी उच्च अधिकारी भी मौन रहते हैं। सभी प्रभारी अधिकारी विभाग को दीमक की तरह चट करने में लगे हुए हैं।लघु वनोपज वन समितियों,, वन सुरक्षा समितियों ,, ग्राम वन समितियों के बजट पर गिध नजर डाल कर पूरा इनका खजाना खाली कर दिया जाता है। समितियों के सदस्यों अध्यक्षों की बिना सलाह के अधिकारियों द्वारा खरीदी कर जबरदस्ती सामग्री थोपा जाता है। जिसके चलते सह प्रभारी वन मंण्डलाधिकारी के प्रति भारी नाराजगी हैं। ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल राजधानी में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल वन मंत्री मोहम्मद अकबर एंव अपर मुख्य सचिव वन विभाग से मिलकर गरियाबंद जिला को प्रभारियों से मुक्ति दिलाने के लिए मांग शिकायत जांच के लिये पत्र सौपे गें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *