पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारक नानाजी देशमुख और गायक भूपेन हजारिका को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा।

ई दिल्ली । पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारक नानाजी देशमुख और गायक भूपेन हजारिका को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा। नानाजी देशमुख और भूपेन हजारिका को मरणोपरांत यह सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिलेगा। 20 वर्ष बाद दो से ज्यादा हस्तियों को इस सर्वोच्च नागरिक सम्मान के लिए चुना गया है। इसके अलावा लोक गायिका तीजन बाई, क्रिकेटर गौतम गंभीर और अभिनेता मनोज वाजपेयी समेत विभिन्न क्षेत्रों के 112 लोगों को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। तीजन बाई को पद्म विभूषण, जबकि गंभीर और मनोज वाजपेयी को पद्मश्री पुरस्कार के लिए चुना है

 

उल्लेखनीय है कि इस साल पद्म पुरस्कार समिति को 49 हजार 992 लोगों के नाम भेजे गए थे। भारत रत्न का सम्मान इससे पहले 1999 में समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण, सितार वादक पंडित रविशंकर, अर्थशास्त्री डॉ. अमर्त्य सेन और स्वतंत्रता सेनानी रहे गोपीनाथ बोरदोलोई को चुना गया था। चार साल बाद भारत रत्न की घोषणा हुई है। साल 2015 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और स्वतंत्रता सेनानी और बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के संस्थापक मदन मोहन मालवीय को यह सम्मान दिया गया था। इससे पहले 45 हस्तियों को भारत रत्न सम्मान दिया जा चुका है। 

2017 में इन पुरस्कारों के लिए 35 हजार 595 नॉमिनेशन प्राप्त हुए थे इनमें से 84 लोगों को पुरस्कार दिए गए। इसी तरह 2016 में 18 हजार 768 नॉमिनेशन प्राप्त हुए थे। इनमें से 89 लोगों को अवार्ड दिए गए। पद्म पुरस्कारों के अंतर्गत पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री पुरस्कार आते हैमुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ की प्रख्यात पंडवानी गायिका श्रीमती तीजन बाई को पद्म विभूषण के लिए चयनित किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि श्रीमती तीजन बाई छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक राजदूत हैं, वे छत्तीसगढ़ की पहचान है। हमें उन पर गर्व है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि श्रीमती तीजन बाई ने महाभारत की कथाओं पर आधारित छत्तीसगढ़ की लोक गीत-नाट्य की विशिष्ट शैली पंडवानी को न केवल देश में बल्कि अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान और प्रसिद्धि दिलाई है। श्रीमती तीजन बाई ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला एवं संस्कृति को और अधिक समृद्ध बनाने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के कला और संस्कृति को बचाए और संवर्धन में योगदान देने वाले अनूप रंजन पाण्डेय को पद्मश्री सम्मान के लिए चयनित किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध कलाकार हबीब तनवीर दिखाए गए मार्ग पर चलते हुए अनूप रंजन पाण्डेय ने रंगमंच तथा विविध कला क्षेत्रों के माध्यम से अनेक प्रयोग एवं कार्य किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ी भाषा के साथ-साथ राज्य की अन्य बोलियों के माध्यम से भी यहां की कला एवं संस्कृति को समृद्ध किया। बस्तर की विविध पारम्परिक नृत्यों को जोड़कर उन्होंने ‘बस्तर बैंड’ के माध्यम से जो कार्य किया, उसने यहां की लोक कला संस्कृति को विशिष्ट पहचान दी। 

 

 

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