निष्पक्ष जाँच की गुहार लगाती, रिंकू की अनाथ बेटिया

बसंत कुमार सिन्हा

 

बीते 4 अप्रैल को बेगूसराय जिले के बीरपुर प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मुज़फ़रा में एक गंभीर घटना घटी l  इस घटना में एक महिला रिंकू देवी उम्र तकरीबन 40 साल का शव पंखे से झूलता हुआ मिला l घटना की जानकारी मिलते ही  मौके पर बीरपुर पुलिस ने शव को अपने कब्जे  में लेकर पोस्टमार्टम के सदर अस्पताल बेगुसराय  भेज दिया पुलिस सूत्रों के अनुसार इस घटना को आत्महत्या और हत्या दोनों बिंदुओं पर जांच कर रही है जबकि परिजन इसे साजिशतन हत्या मान रहे हैं परिजन से प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतिका  रिंकू कुमारी की 3 पुत्रियां हैं जिसमें क्रमशः तेजस्वनी उर्फ़  मोनी कुमारी (20) वर्ष  2.चेतना कुमारी (15) वर्ष और सबसे छोटी पुत्री लूसी कुमारी  (13) वर्ष है l तेजस्वनी उर्फ़  मोनी कुमारी  घटना के बारे  में बताती है कि कि मेरी मम्मी काफी सरल स्वभाव की थी बीते आठ -नौ  सालों से बीरपुर प्रखंड के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मुज़फ़रा  में वार्डन के पद पर कार्यरत थी घटना की सुबह अन्य दिनों की अपेक्षा मम्मी काफी पहले ही करीब 7:00 बजे के आसपास विद्यालय चली गई l दोपहर को विद्यालय से किसी का फोन आया कि मम्मी ने आत्महत्या कर लिया है यह सुनकर  हम लोग  काफी हतप्रभ  हो  गए l  आनन-फानन में किसी तरह विद्यालय पहुंचे वहां देखा कि मम्मी का शरीर जमीन पर लेटा हुआ है हालांकि मृत शरीर को देखकर ऐसा नहीं लगता था कि मम्मी ने आत्महत्या की होगी l  अपने संदेह  को लेकर मैंने   घटना के 1 दिन बाद यानी 5 अप्रैल को बीरपुर थाने में कांड संख्या 49/21  इसके तहत मामला दर्ज करवाया  साथ ही बेगूसराय प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री तक घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है

 

घटना के बारे में मृतिका की अन्य  दो पुत्रियां चेतना और  लूसी कुमारी  का बयान भी इससे काफी मिलता-जुलता है जहाँ वे दोनों भी इस घटना की निष्पक्ष जाँच की जाँच की मांग जिला प्रशाषण  और बिहार सरकार से कर रही है l  घटना के बारे में मृतिका रिंकू कुमारी के भाई प्रभाकर कुमार बताते हैं कि मृतिका रिंकू कुमारी काफी सरल और सहज स्वभाव की थी उसके जीवन काफी संघर्ष में था काफी संघर्ष के बाद उसे कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मुज़फ़रा  में वार्डन के पद पर नौकरी मिली l  नौकरी के कुछ ही वर्ष बीतने के बाद मृतिका के हंसते खेलते परिवार को किसी की नजर लग गई और हंसता खेलता परिवार गम और उदासी में तब्दील हो गया प्रभाकर बताते है की यह आत्म हत्या नहीं हत्या है घटना स्थल से बरामद हुए सामान की साइनटिफिक अनुसंधान से काफी हद तक मामला प्रकाश में आएगा l  पुलिस प्रशाषण  से निष्पक्ष जाँच की अपेक्षा है l

पति से कई वर्षों से नहीं था संपर्क, मायके में ही रहती थी वार्डन

मृतका रिंकू कुमारी के परिजन  ने बताया कि वह अपने मायके असुरारी बरौनी प्रखंड के पास  में ही रहती थी। उसके पति से कई वर्ष से संपर्क नहीं था। मृतका को तीन पुत्री मोनी कुमारी, चेतन कुमारी व लूसी कुमारी है। अपने बच्चों के साथ वह मायके में रहती थी। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष कोरोना वायरस की वजह से लगाए गए लॉकडाउन के समय से ही कस्तूरबा विद्यालय में रहनेवाली बच्चियों को छुट्टी है। उक्त वार्डन कभी-कभी आकर अपना हाज़िरी बनाती थी।

हलाकि एक  बड़ा सवाल यह भी है की मृतिका रिंकू ने तो दुनिया को अलविदा कह दिया लेकिन उसपे आश्रित अन्य तीन बेटियो का सहारा कौन बनेगा l  गौरतलब है की मृतिका का पति से भी सम्बन्ध काफी दिनों से अलग  है l

बहरहाल  प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों बिंदुओं पर काम कर रही है लेकिन परिवार वाले इसे साजिशतन हत्या मान रहे हैं और सरकार इस घटना की  निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं साथ ही दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की सरकार से मांग कर रहे हैं l

 

क्या कहते है परिजन

 

            तेजस्वनी उर्फ़ मोनी कुमारी  (20) वर्ष  बड़ी बेटी

घटना के दिन मेरी मम्मी सुबह काफी पहले ही स्कूल चली गई हालांकि पहले कभी मम्मी इतनी सुबह ड्यूटी नहीं जाती थी लेकिन उस दिन सुबह 7:00 बजे तक ड्यूटी चली गई उसके बाद दोपहर में स्कूल से किन्ही का फोन आया की मम्मी  सुसाइड कर ली हैl  हम पूरे परिवार इसके बाद विद्यालय पहुंचे वहां जिस अवस्था में मम्मी का शरीर  देखें ऐसा प्रतीत नहीं हुआ कि मम्मी ने आत्महत्या की होगी कोई पारिवारिक कारन भी नहीं था फिर मम्मी आत्महत्या क्यूँ करेगी l मेरी सरकार से विनती  है कि इस घटना की निष्पक्ष जांच हो l

चेतना कुमारी  (15) वर्ष मंझली बेटी

एक महीना बीतने के बाद भी अभी तक इस गंभीर घटना का कोई सुराग नहीं मिला है पुलिस के पास प्राथमिकी भी दर्ज हुई लेकिन कोई सुराग नहीं मिला अभी तक l हम तीन बहने अनाथ हो चुकी हैं अब हमारा कौन सहारा बनेगा l

लूसी कुमारी (13) वर्ष छोटी बेटी

एक महीना से भी ज्यादा हो गया है  इस  घटना को  लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है l  पुलिस प्रशासनसे उम्मीद है की घटना की निष्पक्ष जाँच हो और  हमें उचित न्याय मिले l

 

 

 

  रामबालक सlह रिंकू के पिता

हमने कभी सोचा भी नहीं था कि हमारे परिवार में ऐसी गंभीर घटना भी घटेगी लेकिन किसी की साजिश के तहत ऐसा हो गया l रिंकू की 3 बच्ची है उसका भरण पोषण कैसे होगा l सरकार इस दिशा में भी पहल करें l

 

               प्रभाकर कुमार रिंकू का भाई

मेरी बहन रिंकू कुमारी कुशल और सामर्थ्य थी l  किसी भी काम को करने के लिए l  इसका जीवन शुरू से ही संघर्ष में था और काफी संघर्ष के बाद ही अपने मुकाम को पाई और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मुज़फ़रा  में वार्डन पद पर नौकरी मिली l लेकिन कुछ सालों के बाद ही  इस  हंसते खेलते परिवार को किसी की नजर लग गई और बीते 4 अप्रैल को रिंकू ने दुनिया को अलविदा कह दिया l  पुलिस  इसे आत्महत्या कह  रही है लेकिन हम लोगों का मानना है कि यह आत्महत्या नहीं है यह साजिशतन हत्या है  पुलिस प्रशासन इस बिंदु पर भी काम करें और दोषी को सजा दिलाएं सरकार से भी हमारी मांग है कि इस केस की निष्पक्ष जांच की जाए जिससे रिंकू की आत्मा को शांति मिले l

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