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मलेशिया में जाकिर नाइक की ‘बोलती बंद’, धार्मिक भाषण देने पर लगा बैन

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मलेशिया के 7 राज्यों ने विवादास्पद इस्लामिक धर्मप्रचारक डॉ जाकिर नाइक पर कार्रवाई करते हुए उसकी’बोलती बंद कर दी है। जाकिर नाइक के किसी भी धार्मिक भाषण या सार्वजनिक सभा में भाग लेने पर रोक लगा दी है। जाकिर नाइक पर मलेशिया के मेलाका, जोहोर, सेलांगोर, पेनांग, केदाह, पर्लिस और सारावाक राज्यों ने कार्रवाई की है। इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने जाकिर नाइक पर बैन लगाया है। वहीं उससे बुकीत अमन पुलिस स्टेशन पर पूछताछ की। यहां जाकिर के साथ 10 घंटे तक पूछताछ की गई और उसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया।

बता दें कि मलेशियाई पुलिस नाइक के मलेशिया के अल्पसंख्यकों के खिलाफ दिए बयान की जांच कर रही है। यह दूसरी बार है जब मलेशियाई अधिकारियों ने जाकिर नाइक को हिंदुओं एवं चीनियों के खिलाफ कथित नस्ली टिप्पणी करने के मामले में तलब किया है। तलब करने से कुछ ही घंटे पहले प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने जाकिर नाइक को चेताया था कि उसे मलेशिया में राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होने की इजाजत नहीं है। जानकारी के मुताबिक नाइक को रॉयल मलेशिया पुलिस मुख्यालय, बुकित अमन में बुलाया गया है,  यहां उसका बयान दर्ज किया जाना है।

गौरतलब है कि भारतीय अधिकारी भी 2016 से ही अपने भाषणों से चरमपंथ भड़काने के मामलों में नाइक की तलाश में जुटे हैं। बता दें कि नाइक मुस्लिम बहुल मलेशिया का स्थायी निवासी है। नाइक पर मलेशियाई हिंदुओं एवं मलेशियाई चीनियों के खिलाफ विवादित टिप्पणी करने का आरोप है जिसके बाद से उसे भारत वापस भेजे जाने की आवाजें उठने लगी हैं। बता दें कि मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मुहम्मद तीन दिन पहले ये बयान दे चुके हैं कि अगर यह साबित हो गया कि नाइक की गतिविधियां मलेशिया के लिए नुकसानदेह हैं तो उसका स्थायी निवासी (परमानेंट रेज़िडेंट) दर्जा वापस लिया जा सकता है।

इससे पहले पुलिस में दर्ज कराई रिपोर्ट में नाइक ने दावा किया था कि उसने तो मलेशिया की इस बात के लिए तारीफ की थी कि वो किस तरह ‘हिन्दू अल्पसंख्यकों’ के साथ व्यवहार करता है और उनके अधिकारों की रक्षा करता है। मलेशिया में नाइक की जमकर आलोचना हो रही है। मलेशिया के अल्पसंख्यकों के लिए दिए उसके कथित बयान के बाद देश भर में उसके ख़िलाफ़ 115 पुलिस रिपोर्ट दर्ज हो चुकी हैं।

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