Local & National News in Hindi

कश्‍मीर मुद्दे को लेकर अमेरिका की पेशकश पर भड़के ओवैसी, बोले- ट्रंप कोई चौधरी हैं क्‍या?

0 50

नई दिल्ली। जम्‍मू-कश्‍मीर के मुद्दे पर कई विपक्षी भी मोदी सरकार के समर्थन में खड़े आ रहे हैं। कांग्रेस के कुछ दिग्‍गज नेता भी इनमें शामिल हैं। कश्मीर मुद्दे पर अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्‍यस्‍थता पेशकश पर हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल उठाए हैं। साथ ही केंद्र सरकार से भी इस मुद्दे पर सफाई देने की बात कही है। बता दें कि ओवैसी की यह प्रतिक्रिया कश्मीर को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की फोन पर बातचीत के तुरंत बाद आया है।

क्‍या भारत में है हिंदू-मुस्लिम समस्‍या?
जम्‍मू-कश्‍मीर से अनुच्‍छेद 370 के प्रावधान हटाने के मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के दौरान बीते दिनों पीएम मोदी और ट्रंप के बीच लगभग 30 मिनट फोन पर बातचीत हुई थी। इस बातचीत पर भड़कते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट कर कहा, ‘क्या भारत में हिंदू-मुसलमान समस्या है? अगर नहीं तो डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर सरकार चुप क्यों है? इस बात को स्पष्ट नहीं करके क्या हम स्वीकार कर रहे हैं कि हमें दोनों समुदायों से कोई समस्या है?’

ट्रंप पूरी दुनिया के पुलिसमैन हैं क्‍या?
ओवैसी यहीं नहीं रुके उन्‍होंने आगे कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फोन पर डोनाल्‍ड ट्रम्प से बात करने और एक द्विपक्षीय मुद्दे पर चर्चा करने पर मुझे आश्चर्य हुआ है। पीएम मोदी के इस कदम से ऐसा लगता है कि जो ट्रम्प ने पहले कश्मीर पर दावा किया था। यह एक द्विपक्षीय मुद्दा है और किसी तीसरे पक्ष को हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं है।’ ओवैसी ने पूछा कि क्या ट्रम्प पूरी दुनिया के ‘पुलिसकर्मी’ हैं या ‘चौधरी’। उन्होंने कहा, ‘हम शुरू से ही यह कहते रहे हैं कि कश्मीर एक द्विपक्षीय मुद्दा है। भारत का इस पर बहुत ही स्थिर रुख है। फिर प्रधानमंत्री मोदी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से बातचीत करने और इसकी शिकायत करने की क्या आवश्यकता थी।’

ये है पूरा मामला
दरअसल, हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात की थी। दोनों के बीच लगभग 30 मिनट तक बात हुई। इस दौरान द्विपक्षीय संबंधों एवं आपसी सहयोग को लेकर भी चर्चा हुई। सीमापार से होने वाले आतंकवाद को लेकर भी बात हुई। इसके बाद केंद्र सरकार की तरफ से जारी बयान में बताया गया कि मोदी और ट्रंप के बीच 30 मिनट तक बातचीत गर्मजोशी भरी और सौहार्दपूर्ण तरीके से हुई और इसमें द्विपक्षीय, क्षेत्रीय मामले शामिल थे। हालांकि, इसमें जम्‍मू-कश्‍मीर के मुद्दे पर हुई बात का जिक्र नहीं किया गया।

Leave A Reply

Your email address will not be published.