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1999 विश्व कप में भारत को मिली हार पर रोए थे भुवनेश्वर कुमार, कभी नहीं भूल सकते

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नई दिल्ली। भारतीय टीम के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार पिछले महीनों से चोट की वजह से टीम से बाहर चल रहे हैं। फिटनेस हासिल करने के बाद अब वह वापस से टीम में वापसी करने के लिए तैयारी में जुटे हैं। इस बीच उन्होंने सभी आयु वर्गों के उभरते क्रिकेटरों के लिए फास्ट-बॉलिंग का ऑनलाइन कोर्स उपलब्ध कराने हेतु फ्रन्ट रो के साथ हाथ मिलाए हैं।

आइपीएल में दो बार सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले भुवनेश्वर पाकिस्तान के खिलाफ़ टी20 में शानदार शुरुआत के साथ चर्चा में आए। इसके बाद ट्राई-सीरीज में श्रीलंका और वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्होंने मैच विनिंग प्रदर्शन किया। एक बेहतर गेंदबाज बनने के लिए क्या जरूरी है उसके बारे में भुवी ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि क्रिकेट सीखने की कोई उम्र नहीं होती। यह कौशल पर आधारित खेल है, इसलिए अगर आप प्राकृतिक खिलाड़ी नहीं हैं, तो भी आप जब चाहे इसे सीख सकते हैं।’’

नए खिलाड़ियों को तेज गेंदबाजी सीखने और युवा क्रिकेटरों को अपने खेल में सुधार लाने में भुवी मदद करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘तेज गेंदबाज निश्चित रूप से मुश्किल है, क्योंकि यह आपके शरीर पर भारी पड़ती है। हालांकि अगर आप इसके प्रति समर्पित हैं और विशेष तकनीकी पहलुओं पर ध्यान देते हैं तो आप इसे सीख सकते हैं और इसमें सुधार भी ला सकते हैं।’’

खेल के प्रति अपने शुरुआती आकर्षण के बारे में बात करते हुए भुवी ने कहा, ‘‘मुझे याद है जब मैं 1999 में भारत और न्यूजीलैंड के बीच विश्व कप का मुकाबला देख रहा था। मैं अपनी बहन के साथ यह मैच देख रहा था और जब हम हार गए, मैं बहुत रोया। मैं उस पल को कभी नहीं भूल सकता, तभी मुझे महसूस हुआ कि मुझमें इस खेल के प्रति कितना उत्साह और जोश है।’’

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