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यूपी मूल के वोटरों को साधने योगी पर आक्रामक हुए टीएस सिंहदेव

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रायपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान की आंच छत्तीसगढ़ की सियासत तक पहुंच गई है। योगी ने ट्वीट किया था-आप सभी याद रखना, अनुसूचित जाति समाज की नींव है। नींव दिखती नहीं है, लेकिन भवन उसी पर खड़ा होता है। योगी के बयान पर छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने निशाना साधते हुए कहा, हृदय में कटुता रखकर दार्शनिकता की बातें शोभा नहीं देती। पिछले एक पखवाड़े में ऐसा दूसरी बार हो रहा है, जब योगी आदित्यनाथ के बयान पर सिंहदेव ने निशाना साधा है। योगी के बहाने सिंहदेव ने भाजपा-आरएसएस को भी आड़े हाथ लिया।

सिंहदेव ने कहा, भाजपा-आरएसएस ने हमेशा अल्पसंख्यकों पर या तो अत्याचार किया या उन अत्याचारों को छिपाने की कोशिश की है। उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होना है। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा पूरे जोर-शोर से चुनाव अभियान का संचालन कर रही हैं। छत्तीसगढ़ में बड़े पैमाने पर उत्तर प्रदेश मूल के लोग रहते हैं। ऐसे में कांग्रेस योगी आदित्यनाथ को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहती है।

प्रदेश के बड़े महानगरों और खासकर सिंहदेव के प्रभाव वाले क्षेत्र सरगुजा में उत्तर प्रदेश के वोटरों की संख्या अधिक है, जो रोजगार और अन्य सिलसिले में छत्तीसगढ़ आए हैं। ऐसे में सिंहदेव उन वोटरों में कांग्रेस की छवि को मजबूत करने के लिए लगातार बयान दे रहे हैं। सिंहदेव ने कहा, अनुसूचित जाति समाज की नींव नहीं, उसका प्रतिबिंब है। उन्हें छिपाने की नहीं, संवारने की जरूरत है। उनकी परिस्थिति में बेहतरी से समाज का रूप भी खुद निखरता है। समाज के नींव लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय जैसे बुनियादी मूल्य हैं, जो भारत को एक सशक्त राष्ट्र बनाते हैं

पहले याद दिलाया था कांग्रेस का इतिहास

इससे पहले मंत्री टीएस सिंहदेव ने योगी आदित्यनाथ को कांग्रेस का इतिहास याद दिलाया था। योगी ने कांग्रेस को आतंकवाद की जननी कहा था। इस पर सिंहदेव ने बताया कि कांग्रेस नेता स्वतंत्रता संग्राम के जनक और जननी रहे हैं। देश को जख्मी और जनता को निरंतर प्रताड़ित तो भाजपा कर रही है।

सिंहदेव की आक्रामकता के निकाले जा रहे मायने

उत्तर प्रदेश की राजनीति और योगी आदित्यनाथ पर सिंहदेव के लगातार हमलावर होने के सियासी मायने तलाशे जा रहे हैं। राजनीतिक प्रेक्षकों की मानें तो पिछले एक महीने में प्रदेश की राजनीति में जिस तरह के घटनाक्रम हो रहे हैं, उसमें सिंहदेव की कोशिश केंद्रीय नेतृत्व की नजर में आने की कवायद है। दरअसल, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की जगह सिंहदेव के आक्रामक बयान को लेकर सियासी हलके में चर्चा का बाजार गर्म है।

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