जिलानी ने कहा कि बोर्ड की बैठक में सुप्रीम कोर्ट में अपील पर आखिरी फैसला लिया जाएगा। जिलानी ने कहा कि सदन में बिल पास होने से कोई फर्क नहीं पड़ता है क्योंकि यह हमें स्वीकार्य नहीं है। वहीं इस बिल के पास होते ही देश भर में मुस्लिम महिलाओं ने जश्न मनाना शुरू कर दिया। वहीं कई महिलाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद करने भी पहुंचीं। बता दें तीन तलाक बिल पहले लोकसभा में पास हुआ और उसके बाद राज्यसभा में भी पास हो गया। इस बिल के तहत तीन तलाक का अपराध सिद्ध होने पर पति को तीन साल तक की जेल का प्रावधान किया गया है।