वक्फ संशोधन विधेयक पर जेपीसी की बैठक में बीजेपी सांसद अभिजीत गंगोपाध्याय और टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी के बीच झड़प हुई थी. दोनों ने एक-दूसरे के लिए अपशब्दों का प्रयोग किया था. इस घटना में कल्याण बनर्जी को चोट लग गई थी. उन्हें जेपीसी की अगली बैठक से निलंबित भी कर दिया गया था. अब इस पूरे मामले पर कल्याण बनर्जी का बयान सामने आया है. उन्होंने बताया कि उस दिन क्या हुआ था.
कल्याणा बनर्जी ने कहा, उस दिन नासिर हुसैन (कांग्रेस के सांसद) और अभिजीत गंगोपाध्याय में बहस चल रही थी. अभिजीत चिल्ला रहे थे. मैंने पूछा तो मुझे अपशब्द कहने लगे. मैंने रिएक्ट किया तो वो बोले कि मुझे मारेंगे. वो कुर्सी छोड़ कर मेरे पास आ गए. कल्याण बनर्जी ने कहा कि चेयरमैन ने मुझे नरम रहने को कहा, जिससे मैं गुस्सा हो गया. मैंने बोतल टेबल पर मार दिया. खून जब हाथ से निकला तो मैंने बोतल छोड़ा तो रोल हो गया. मैंने कहा कि मेरा इरादा नहीं था. मैंने 4 बार सॉरी बोला.
कल्याण बनर्जी ने अभिजीत गंगोपाध्याय को चुनौती देते हुए कहा कि हिम्मत है तो वो 30 मिनट तक सुप्रीम कोर्ट में बहस कर लें. पता चलेगा कि कैसे आदमी और वकील/जज हैं वो. कॉलेजियम में उनके 2 जज हैं जिनके चलते वो जज बन गए.
समिति के प्रमुख ने क्या कहा?
इस घटना पर समिति के प्रमुख जगदंबिका पाल ने कल्याण बनर्जी के आचारण की निंदा की थी. उन्होंने कहा था कि ईश्वर उन्हें सद्बुद्धि दे. उन्होंने कहा, यह अप्रत्याशित घटना है…वह सारी सीमाओं को लांघ गए थे, सारी मर्यादा को लांघ गए थे….समिति की अगली बैठक से उन्हें निष्कासित किया गया है.
विपक्ष के नेताओं ने आरोप लगाया कि पाल ने इस घटना के बारे में सार्वजनिक बयान देकर प्रक्रियाओं एवं नियमों का उल्लंघन किया है. हालांकि, पाल ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने नियमों का कोई उल्लंघन नहीं किया है और सिर्फ एक सदस्य द्वारा की गई हिंसा की घटना का उल्लेख किया.