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खुशखबरी: नोएडा में कमर्शियल प्लॉटों का सर्किल रेट 21 फीसदी घटा

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नोएडा: मंदी की मार से जूझ रहे रियल एस्टेट का असर सबसे ज्यादा नोएडा व ग्रेटर नोएडा के राजस्व पर पड़ रहा है। सर्किल रेट ज्यादा होने के चलते खरीद-फरोख्त एक तरह से बिल्कुल बंद है। ऐसे में शहर में नए उद्योग व वाणिज्य गतिविधियों पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है।

जिसको देखते हुए अब गौतमबुद्धनगर जिले को चार जोन नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दादरी और जेवर में बांट कर सॢकल रेट घटाने का प्रस्ताव है। एक अगस्त से नए सर्किल रेट लागू होंगे। जिसमें जिले की संपत्तियों में वित्तीय वर्ष 2019-20 के दौरान सर्किल दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। नोएडा, दादरी, ग्रेटर नोएडा व जेवर क्षेत्र में आवासीय भूखंड  व मकानों की सर्किल दरों में परिवर्तन नहीं किया गया है। वहीं, नोएडा में वाणिज्यिक एकल भूखंड के सर्किल दरों में 21.5 फीसद की कमी की गई है। फ्लोर वाइज वाणिज्यिक संपत्तियों में 21 फीसद की कमी की गई है। वहीं, फ्री होल्ड वाणिज्यिक भूखंड (एकल संपत्ति) एकल से भूखंड (तल-वार) संपत्तियों में औसतन 21 प्रतिशत की दर कमी की गई है।

वहीं जिन शापिंग मॉल में सेंट्रल एयरकंडीशन व एक्सीलेटर लगे है वहां लगने वाले 25 फीसद सरचार्ज को समाप्त कर दिया गया है। नोएडा के आईटी व आईटीएस सेक्टर में किसी तरह के सर्किल रेट में बढ़ोतरी नहीं की गई है। नोएडा ग्रेटरनोएडा दादारी में ग्रुप हाउसिंग में लगने वाले 6 फीसद सरचार्ज को समाप्त किया गया है। प्रेस वार्ता के दौरान जिलाधिकारी बीएन सिंह ने बताया कि यह प्रोविजनल सूची है। जिला निवासियों से सुझाव मिलने के एक सप्ताह बाद फाइनल सूची जारी की जाएगी।

मालूम हो कि निबंधन विभाग जारी सर्किल दरों पर जिला प्रशासन ने आपत्तियां मांगी थी। इन पर विचार करने के बाद निबंधन विभाग, एआरपी स्टांप व निबंधन विभाग से जुड़े अधिवक्ताओं से भी बैठक कर सुझाव लिए थे। इसके बाद अंतिम सर्किल दरों की सूची घोषित की गई। मालूम हो कि इस वर्ष शासन ने निबंधन विभाग को 2580 करोड़ रुपए के राजस्व का लक्ष्य दिया है। पूर्व वर्ष में यह लक्ष्य 2535 करोड़ रुपए निर्धारित था। नोएडा व ग्रेटर नोएडा में वाणिज्यिक व संस्थागत जमीनों की सर्किल दर अधिक होने के कारण निबंधन विभाग  के राजस्व में बढ़ोतरी नहीं हो सकी थी। ऐसे में ऐसे में नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दादरी व जेवर में सर्किल दरों में बढ़ोतरी नहीं की गई है।

जिलाधिकारी बीएन सिंह ने बताया कि गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन के इस कदम से नोएडा और ग्रेटर नोएडा में घरों की कीमतों में भी कमी आने की उम्मीद है। सर्किल रेट कम करने से वाणिज्यिक और आवासीय भूखंडों की कीमत में और कमी आएगी। प्रशासन के इस नए फैसले से नए घर खरीदारों को भी फायदा होगा। प्राधिकरण पिछले चार वर्षों में एक भी कमर्शियल प्लॉट नहीं बेच पाए हैं। बड़े-बड़े मॉल बिना बिके रह गए हैं और लोग केवल कुछ छोटी दुकानों को खरीद रहे हैं।

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