Breaking
मनी एक्सचेंज मार्केट में हुआ जोरदार धमाका, विस्फोटों से दहला अफगानिस्तान सौंपा ज्ञापन, अकाली दल में इकबाल झूंदा की सिफारिशों को लागू करने की मांग अंबिकापुर में तेज रफ्तार ट्रक ने  स्कूटी सवार युवक को मारी टक्कर, मौके पर ही दर्दनाक मौत झारखंड में हाथी के हमले में डब्ल्यूआईआई का सदस्य घायल डायबिटीज ने मुश्किल कर दिया है जीना? तो इन मसालों से करे कंट्रोल भारत बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा iPhone मेकर... ब्राइडल लुक में चार चांद लगा देंगे ये ट्रेंडी लिपस्टिक कलर्स लालू प्रसाद यादव  का आज होगा सिंगापुर में किडनी ट्रांसप्लांट दान देने में भी Gautam Adani अव्वल मंत्री चौबे के बंगले के बाहर खड़ीं होकर बोलीं- हक की नौकरी भीख में दे दो

कश्मीर में 2 साथियों की हत्‍या से फैला डर, कश्मीर छोड़ घर वापस लौटने की तैयारी में बिहारी मजदूर

Whats App

आतंकियों के हमले में एक सप्ताह के अंदर अपने दो साथियों की मौत देख चुके बिहार के सभी मजदूर अब घाटी छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। दस अक्टूबर को भागलपुर के वीरेंद्र पासवान और शनिवार को बांका जिले के अरविंद कुमार साह की हत्या के बाद डर बढ़ गया है।

अरविंद के गृह जिले बांका के कई लोग घाटी छोड़ने की तैयारी में लग गए हैं। इसके अलावा कोसी, सीमांचल और पूर्वी बिहार के अन्य जिलों के लोग भी घाटी को अलविदा करने का मूड बना चुके हैं। सहरसा जिले के मनोज कुमार, रोहित कुमार, सुपौल जिले के अरविंद कुमार, संजीव कुमार भी परिवार के साथ घाटी छोड़ने का फैसला कर चुके हैं। घाटी के मौजूदा हालात से इन सभी के मन में दहशत है। इसी तरह जलालगढ़ के याकूब आलम, अररिया के मंसूर आलम, बरसौनी के रजत कुमार राजभर ने बताया कि उनके परिजन पांच माह पहले घाटी गए थे। गैर कश्मीरियों की हत्या के बाद ठेकेदार बकाया रकम भी नहीं दे रहे, ताकि सब वहां से लौट आएं।

सीमांचल के सबसे अधिक अररिया, किशनगंज के अलावा पूर्णिया के मजदूर जम्मू कश्मीर में काम की तलाश में गए हुए हैं। बताया जाता है कि छह माह के लिए कोसी और सीमांचल से हजारों की संख्या में मजदूर काम करने के लिए जम्मू-कश्मीर समेत आसपास के इलाकों में जाते हैं।

Whats App

इनमें कई ऐसे भी मजदूर हैं जिन्होंने कई महीने काम किया और मालिक के पास रुपए भी बकाया है लेकिन जान के डर से अब वापस घर आ गए हैं। इनको एक तो मजदूरी नहीं मिली, ऊपर से जो भी रुपया कर्ज लेकर गए थे, लौटने पर कर्जदार परेशान कर रहा है। मजदूरों की परेशानी लॉकडाउन के कारण पहले से ही बढ़ी हुई थी।

लद्दाख में भी डरे हुए हैं सूबे के लोग

दो दिन पहले पूर्णिया जिला निवासी राजमिस्त्रत्त्ी मो. मुजाहिद की हत्या कारगिल में कुछ अपराधियों ने ईंट से कूचकर कर दी। हालांकि इस घटना को आतंकियों ने अंजाम दिया है, यह स्पष्ट नहीं हुआ है। इस घटना के बाद से केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में रह रहे बिहार के मजदूरों में भी डर घर कर गया है। यहां भी कोसी-सीमांचल के सैकड़ों मजदूर रहते हैं। डगरूआ के करियात गांव निवासी मुजाहिद का शव भी पूर्णिया पहुंचने ही वाला है। बायसी के मो. मकसूद ने बताया कि उनके दो बेटे चार महीने से लेह में हैं। एक पुत्र पर पहले भी हमला हो चुका है। वापसी मुश्किल हो रही है।

जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा और बांका प्रशासन से बात कर शव को लाने की व्यवस्था की गई है। शव वाहन पटना भेजा जा चुका है। पटना तक शव फ्लाइट से आ रहा है। जम्मू कश्मीर प्रशासन और बिहार सरकार ने मुआवजे की घोषणा की है।

राम नारायण मंडल, विधायक

मनी एक्सचेंज मार्केट में हुआ जोरदार धमाका, विस्फोटों से दहला अफगानिस्तान     |     सौंपा ज्ञापन, अकाली दल में इकबाल झूंदा की सिफारिशों को लागू करने की मांग     |     अंबिकापुर में तेज रफ्तार ट्रक ने  स्कूटी सवार युवक को मारी टक्कर, मौके पर ही दर्दनाक मौत     |     झारखंड में हाथी के हमले में डब्ल्यूआईआई का सदस्य घायल     |     डायबिटीज ने मुश्किल कर दिया है जीना? तो इन मसालों से करे कंट्रोल     |     भारत बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा iPhone मेकर…     |     ब्राइडल लुक में चार चांद लगा देंगे ये ट्रेंडी लिपस्टिक कलर्स     |     लालू प्रसाद यादव  का आज होगा सिंगापुर में किडनी ट्रांसप्लांट     |     दान देने में भी Gautam Adani अव्वल     |     मंत्री चौबे के बंगले के बाहर खड़ीं होकर बोलीं- हक की नौकरी भीख में दे दो     |    

पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9431277374