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तीनों कृषि कानूनों के वापिसी पर बोले चिदंबरम- चुनाव के डर से सरकार यह निर्णय लेने पर हुई ‘विवश’

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नई दिल्ली: आज गुरूपर्व के मौके पर पीएम मोदी ने तीन कृषि कानूनों को रद्द करने का फैसला किया है। वहीं विपक्ष पार्टी इस फैसला का स्वागत करते दिख रहे हैं तो वहीं कुछ नेता पीएम मोदी पर तंज कसते भी नज़र आए।

इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने के फैसले से संबंधित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा को किसानों एवं अपनी पार्टी के लिए जीत करार दिया और यह दावा भी किया कि चुनाव की डर से सरकार यह निर्णय लेने को ‘विवश’ हुई।

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चिदंबरम ने ट्वीट किया कि लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन से क्या हासिल नहीं किया जा सकता। प्रधानमंत्री की ओर से तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा करना नीति में बदलाव और हृदय परिवर्तन से प्रेरित नहीं है। यह चुनाव की डर से फैसला किया गया है।

उन्होंने कहा कि बहरहाल, यह किसानों के लिए बड़ी जीत है और कांग्रेस पार्टी के लिए भी जीत है जो इन कानूनों का पुरजोर विरोध कर रही थी।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने ट्वीट किया है कि पहले संसद में जोर-जबरदस्ती से कानून पारित करवाते हैं। फिर अप्रत्याशित विरोध का सामना करते हैं। फिर उत्तर प्रदेश एवं पंजाब में चुनाव का सामना करते हैं। आखिरकार कानून निरस्त करते हैं। आखिर में किसान की जीत हुई। मैं अपने किसानों की दृढ़ता को सलाम करता हूं जिन्होंने हिम्मत नहीं हारी।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले करीब एक वर्ष से अधिक समय से विवादों में घिरे तीन कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की घोषणा की और कहा कि इसके लिए संसद के आगामी सत्र में विधेयक लाया जाएगा। तीनों कृषि कानूनों के विरोध में किसान आंदोलन कर रहे थे।

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