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कार्यशाला में नवादा के किसानों ने सीखे उत्तम खेती के गुर, जीरो टिलेज से गेहूं के पैदावार में होगी वृद्धि

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वारिसलीगंज (नवादा)। वारिसलीगंज प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित ई किसान भवन में बुधवार को रबी महाभियान सह कर्मशाला का आयोजन कर क्षेत्र के किसानों को उत्तम व अत्याधुनिक खेती कर अधिक उत्पादन का गुर सिखाया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला कृषि पदाधिकारी लक्ष्मण प्रसाद, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी संतोष कुमार सुमन, पौधा संरक्षण के सहायक निदेशक अशोक कुमार, कृषि वैज्ञानिक डा. रौशन कुमार, सहायक कृषि पदाधिकारी दिलीप रजक तथा प्रखंड कृषि पदाधिकारी पवन कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

मौके पर किसानों को पराली प्रबंधन, बीजोपचार, जीरो टिलेज से गेंहू की खेती, कृषि यांत्रीकरण योजना, गेहूं, चना, मसूर आदि का बीज वितरण, डीएपी की जगह पीएसबी का खेतो में प्रयोग विधि, जल जीवन हरियाली योजना का लाभ तथा केकेए फेज-3 के तहत यंत्र, बैंक की स्थापना जिसके तहत चयनित पंचायत बरनावा और कोचगांव के साथ ही आंशिक अनुदानित एवं पूर्ण अनुदानित बीजो को प्राप्ति का आनलाइन तरीके पर विस्तार से चर्चा किया गया।

कहा गया कि टरफा चना एवं मसूर बीज किट पैक को प्राप्त करने के लिए पहले किसान ससमय आनलाइन आवेदन करें। बाद में 32 केजी बीज पैक को तत्काल 3280 रुपये जमा कर अधिकृत दुकानदार से खरीदें। खरीद रसीद जमा करने के बाद कृषि विभाग द्वारा पूरी राशि बैंक खाते में वापस हो जाने की बात किसानों को बताई गई। मौके पर खेतों में पराली को नहीं जलाने की सलाह देते हुए डिकम्पोजर के माध्यम से उसका कंपोस्ट उर्वरक बनाने का तरीका बताया गया। कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि पहले की खेती में पुराने तकनीकों का इस्तेमाल से श्रम अधिक और उत्पादन कम होता था। लेकिन नई तकनीकों एवं जैविक तथा कंपोस्ट उर्वरकों का प्रयोग से किसान कम भूमि में भी अच्छी फसल प्राप्त कर सकते हैं

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कार्यक्रम में कृषि समन्वयक दयानिधि प्रेमसागर, सुभाष रंजन, मदन मोहन, केशव कुमार, राजीव कुमार,शशि शेखर, खुशबू कुमारी, प्रीति कुमारी समेत किसान सलाहकार उत्तम पाठक, शशिकांत, कौशल किशोर, संजीव कमल, संजय, आनंद आर्या, प्रेमजीत, बिभा कुमारी, रूपवंती कुमारी, सीटी कुमारी तथा सुमित्रा कुमारी उपस्थित थी।

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